भाजपा ने मल्लिकार्जुन खरगे पर कर्नाटक में 19 एकड़ सरकारी जमीन हड़पने का लगाया आरोप

नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधते हुए उन पर कर्नाटक में 19 एकड़ सरकारी जमीन हड़पने का आरोप लगाया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि खरगे और उनके बेटे एक ट्रस्ट के माध्यम से कर्नाटक में जमीन की लूट और भ्रष्टाचार कर रहे हैं। इस ट्रस्ट का नाम है सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट। इस ट्रस्ट में खरगे, बेटे प्रियांक खरगे, दामाद और उनकी पत्नी शामिल हैं। ये ट्रस्ट खरगे के परिवार का है।
भंडारी ने कहा, “गुलबर्गा जिले में 19 एकड़ जमीन का आवंटन भी विवादास्पद है। 19 एकड़ सार्वजनिक भूमि कांग्रेस सरकार ने खरगे के निजी ट्रस्ट को दे दी। इसका मतलब है कि 19 एकड़ सार्वजनिक जमीन एक ऐसे निजी ट्रस्ट के नियंत्रण में चली गई, जिसके सदस्यों में खरगे के परिवार के लोग शामिल हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे और प्रियांक खरगे ने इस ट्रस्ट के माध्यम से अलग-अलग जमीन पर कब्जा किया और अपनी राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल करते हुए गरीबों की जमीन हड़प ली।
उन्होंने कहा कि भूमि लूट का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2024 में कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड ने इस ट्रस्ट को पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी। उस समय भी कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार थी। मल्लिकार्जुन खरगे कांग्रेस अध्यक्ष थे और आज भी हैं, जबकि प्रियांक खरगे मंत्री थे।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि जमीन का घोषित उद्देश्य एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में रिसर्च एंड डेवलपमेंट था। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में इस पांच एकड़ जमीन की कीमत करीब 100 करोड़ रुपये है, लेकिन जिस उद्देश्य से जमीन दी गई थी, उस दिशा में कोई गतिविधि नहीं हुई।
उन्होंने सवाल उठाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एक ऐसे ट्रस्ट को जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे खुद ट्रस्टी हैं, सौ करोड़ की इंडस्ट्रियल जमीन क्यों दी?
भंडारी ने पूछा कि क्या खरगे और प्रियांक खरगे ने अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल करके इंडस्ट्रियल जमीन पर कब्जा किया? ट्रस्ट ने ऐसा कौन सा काम किया, जो एयरोस्पेस और डिफेंस रिसर्च जमीन आपके प्राइवेट ट्रस्ट को दे दी गई?



