भारत ए की दमदार जीत, अफगानिस्तान ए को रौंदकर फाइनल में बनाई जगह
बल्लेबाजों और गेंदबाजों के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन से भारत ए ने बुधवार को यहां अफगानिस्तान ए को 101 रन के बड़े अंतर से हराकर त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
भारत ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए कप्तान तिलक वर्मा (59), प्रियांश आर्य (58) और कुमार कुशाग्र (58) के अर्धशतकों से 319 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में अफगानिस्तान ए 218 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से निशांत सिंधू सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने चार विकेट झटके।
तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने दो विकेट हासिल किए, जबकि अंशुल कंबोज, विपराज निगम, सूर्यांश शेडगे और अनुकूल रॉय को एक-एक सफलता मिली। अफगानिस्तान के लिए बाहिर शाह ने 57 रन और फैसल शिनोजादा ने 46 रन की पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके।

इस जीत के साथ भारत ए के चार अंक हो गए हैं और 0.597 के सर्वश्रेष्ठ नेट रन रेट के साथ वह अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है। टीम ने फाइनल में अपना स्थान भी सुनिश्चित कर लिया है। श्रीलंका ए के भी चार अंक हैं, लेकिन उसका नेट रन रेट 0.494 है, जिससे वह दूसरे स्थान पर है। अफगानिस्तान ए दो अंक और -1.602 के नेट रन रेट के साथ तालिका में सबसे नीचे है।
अब शुक्रवार को अफगानिस्तान ए का मुकाबला श्रीलंका ए से होगा। फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए अफगानिस्तान को इस मैच में बड़ी जीत दर्ज करनी होगी, ताकि वह मेजबान टीम से आगे निकल सके।
मैच में भारत को पहली सफलता यश ठाकुर ने दिलाई। उन्होंने तीसरे ओवर में सलामी बल्लेबाज हसन ईसाखिल (14) को रुतुराज गायकवाड़ के हाथों कैच आउट कराया। छठे ओवर में अंशुल कंबोज ने खालिद तनीवाल (13) को पवेलियन भेजा। 10वें ओवर में निशांत सिंधू ने कप्तान इमरान मीर का विकेट लेकर अफगानिस्तान को तीसरा झटका दिया।
फैसल शिनोजादा और बाहिर शाह ने चौथे विकेट के लिए 87 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर अफगानिस्तान की पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों के जल्दी-जल्दी आउट होने के बाद टीम की पारी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और पूरी टीम 218 रन पर सिमट गई।
इससे पहले दाम्बुला की सपाट पिच पर भारत ए को वैभव सूर्यवंशी ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने 38 रन बनाए और प्रियांश आर्य के साथ पहले विकेट के लिए सिर्फ आठ ओवर में 75 रन जोड़ दिए। सूर्यवंशी ने कवर क्षेत्र में कुछ आकर्षक शॉट लगाए और दो छक्के भी जड़े, लेकिन तेज गेंदबाज फरीदून दाउदजई की ऑफ स्टंप के बाहर उठती हुई गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में अपना विकेट गंवा बैठे।
प्रियांश आर्य ने केवल 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन फरमानुल्लाह की गेंद पर स्क्वायर कट खेलने के प्रयास में प्वाइंट पर शम्स उर रहमान को कैच दे बैठे। उनके आउट होने के बाद भारत ए का रन रेट, जो आठ रन प्रति ओवर के करीब था, घटकर लगभग छह रन प्रति ओवर रह गया।
जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ा, पिच धीमी होती गई, जिससे तिलक वर्मा और रुतुराज गायकवाड़ (30) को रन बनाने में कठिनाई हुई। गायकवाड़ को अब्दुल्लाह अहमदजई ने विकेटकीपर मोहम्मद ईशाक के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेजा।
इसके बाद तिलक वर्मा और कुमार कुशाग्र ने पारी को संभाला। तिलक ने 67 गेंदों में और कुशाग्र ने 60 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 104 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। कुशाग्र को फरीदून दाउदजई ने आउट किया, जबकि तिलक का विकेट अब्दुल्लाह अहमदजई ने लिया। अंतिम ओवरों में विपराज निगम ने 30 रनों की उपयोगी पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ए का स्कोर 300 रन के पार पहुंचा।



