हार के बाद भारतीय खिलाड़ियों का पलटवार, नॉर्वे शतरंज में बढ़ीं खिताबी उम्मीदें
पिछले दौर में निराशाजनक प्रदर्शन करने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के सातवें दौर में बेहतरीन वापसी के साथ खिताब की अपनी उम्मीदों को जीवंत रखा।
विश्व विजेता डी गुकेश और आर प्रज्ञानानंदा ने ओपन वर्ग में महत्वपूर्ण जीत हासिल की जबकि दिव्या देशमुख ने महिला वर्ग में हमवतन कोनेरू हम्पी को हराया। छठे दौर में चारों भारतीय खिलाड़ियों को हार मिली थी।
गुकेश ने अमेरिकी ग्रैंडमास्टर वेस्ली सो के खिलाफ मुकाबले में 1.5 अंक हासिल किए। उन्होंने क्लासिकल बाजी में मौका गंवाने के बाद आर्मागेडन टाई-ब्रेक में जीत हासिल करके अपना कुल स्कोर आठ अंक पर पहुंचाया। वह हालांकि छह खिलाड़ियों के डबल राउंड-रॉबिन तालिका में सबसे निचले स्थान पर हैं।

प्रज्ञानानंदा ने फ्रांसीसी ग्रैंडमास्टर अलीरेज़ा फ़िरोजा को लगातार दूसरी बार क्लासिकल बाजी में हराकर पूरे तीन अंक हासिल किए। उनके अब नौ अंक हो गए हैं। प्रज्ञानानंदा इसके बावजूद पांचवे जबकि गुकेश छठे स्थान पर बने हुए हैं। इस टूर्नामेंट में तीन दौर की बाजियां खेली जानी बाकी हैं और भारतीय खिलाड़ियों के पास वापसी करके शीर्ष पर पहुंचने का मौका है।
वेस्ली सो 12.5 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि अलीरेज़ा 10 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। प्रज्ञानानंदा, विश्व के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन और जर्मनी के विंसेंट कीमर सभी समान नौ अंकों के साथ संयुक्त तीसरे स्थान पर हैं।
सात बार के चैंपियन कार्लसन ने कीमर को आर्मागेडन टाई-ब्रेक में हराया। दिव्या ने हम्पी को आर्मागेडन टाई-ब्रेक में हराकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। उन्हें अगले दौर में शीर्ष पर बिबिसारा असौबायेवा का सामना करना है जिसमें जीत पर वह बढ़त हासिल कर सकती है।
असौबायेवा ने हालांकि अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए क्लासिकल बाजी में चीन की झू जिनर को हराकर पूरे तीन अंक हासिल किए। उनके अब 12.5 अंक हैं। दिव्या के 10 अंक हैं।



