दिल्ली के जहांगीरपुरी में सरेआम खूनी खेल
दिनदहाड़े बीच सड़क पर युवक को चाकुओं से गोदा, आखिर कहां है पुलिस का खौफ?

देश की राजधानी दिल्ली में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसका एक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। दिल्ली के बेहद संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाके जहांगीरपुरी (Jahangirpuri) में दिनदहाड़े सरेआम एक युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्यारे वारदात को अंजाम देकर बड़ी आसानी से फरार हो गए और वहां मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे। इस दुस्साहसिक वारदात ने दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी और राजधानी की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
बीच सड़क पर मौत का नंगा नाच
घटना दोपहर के समय की है, जब बाजार और सड़कों पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ थी। चश्मदीदों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, 2-3 लड़कों का एक गुट मृतक युवक का पीछा कर रहा था। अचानक एक गली के मोड़ पर हमलावरों ने युवक को घेर लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाता या बचाव के लिए भागता, हमलावरों ने उस पर बड़े चाकुओं से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। युवक खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा, लेकिन हमलावर तब तक उसे चाकू मारते रहे जब तक कि उसकी सांसें नहीं थम गईं।
तमाशबीन बना रहा समाज
इस हत्याकांड का सबसे खौफनाक पहलू वह सामाजिक संवेदनहीनता है, जो कैमरे में कैद हुई है। जब युवक की हत्या की जा रही थी, तब वहां से कई गाड़ियां और लोग गुजर रहे थे। कुछ लोग डर के मारे भाग गए, तो कुछ दूर खड़े होकर इस खौफनाक मंजर का वीडियो बनाते रहे। किसी ने भी बीच-बचाव करने या पुलिस को तुरंत पीसीआर कॉल (PCR Call) करने की हिम्मत नहीं दिखाई। अगर समय रहते कोई शोर मचाता या मदद के लिए आगे आता, तो शायद उस युवक की जान बचाई जा सकती थी।
क्या गैंगवार है या आपसी रंजिश?
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और बाबू जगजीवन राम अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के शुरुआती जांच के मुताबिक, यह मामला आपसी रंजिश या इलाके में वर्चस्व (Supremacy) की लड़ाई का लग रहा है। जहांगीरपुरी का यह इलाका पहले से ही अवैध गतिविधियों, स्मैक की तस्करी और छोटे-मोटे गैंग्स के बीच टकराव के लिए बदनाम रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस हत्या के तार किसी पुरानी गैंगवार (Gangwar) से तो नहीं जुड़े हैं।
पुलिस की कार्रवाई और उठते सवाल
इस सनसनीखेज वारदात के बाद दिल्ली पुलिस ने इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। पुलिस की कई टीमें सीसीटीवी खंगाल रही हैं और आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। लेकिन इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश भर दिया है। लोगों का कहना है कि पुलिस की पेट्रोलिंग सिर्फ दिखावा है और इलाके में असामाजिक तत्वों का खुला राज चलता है।
राष्ट्रीय राजधानी में दिनदहाड़े बीच सड़क पर इस तरह चाकुओं से गोदकर हत्या होना पुलिस प्रशासन के लिए खुली चुनौती है। अपराधियों में खाकी का खौफ पूरी तरह खत्म होता नजर आ रहा है। यह जरूरी है कि पुलिस जल्द से जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेले और इस मामले का फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-track Court) में ट्रायल हो, ताकि अपराधियों को यह सख्त संदेश मिले कि दिल्ली की सड़कों पर इस तरह का ‘जंगलराज’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



