नीट यूजी 2026: दोबारा होने जा रही परीक्षा को ऑनलाइन मोड में कराने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई, कहा- अव्यावहारिक

नई दिल्ली : मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी’ (NEET-UG) को लेकर चल रहे विवादों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने 21 जून को दोबारा आयोजित होने जा रही नीट यूजी परीक्षा को ट्रेडिशनल पेन-पेपर मोड (ओएमआर शीट) की बजाय कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में करवाने की मांग पर विचार करने से साफ इनकार कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दायर याचिका में रखी गई इस मांग को ‘अव्यावहारिक’ माना है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि नीट से जुड़ी अन्य सभी मुख्य याचिकाओं पर जुलाई में विस्तृत सुनवाई होनी है, इसलिए इस याचिका को भी उन्हीं के साथ सूचीबद्ध किया जाएगा।
3 मई के पेपर लीक का दिया गया था हवाला
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने अदालत के सामने दलील दी कि 3 मई को देश भर में आयोजित हुई नीट परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर पेपर लीक और धांधली के मामले सामने आए थे। उन्होंने तर्क दिया कि यदि 21 जून को होने जा रही दोबारा परीक्षा (Re-Exam) को कंप्यूटर आधारित या ऑनलाइन मोड में कराया जाए, तो इससे पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और साफ-सुथरा रखा जा सकेगा, जिससे लीक की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
परीक्षा अधिकारियों पर दबाव और कम समय का हवाला
जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की अवकाशकालीन पीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलों को व्यावहारिक धरातल पर सही नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि नई परीक्षा के आयोजन में अब बेहद कम समय बाकी रह गया है। ऐसे में पूरे देश के स्तर पर अचानक कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का नया इंफ्रास्ट्रक्चर और व्यवस्था खड़ी करना प्रशासनिक रूप से संभव नहीं है।
जस्टिस पी एस नरसिम्हा की टिप्पणी: “हम पहले भी इस तरह की कई मांगें और याचिकाएं खारिज कर चुके हैं। एक बार परीक्षा रद्द होने के बाद, उसके दोबारा आयोजन को लेकर प्रशासनिक अमले और परीक्षा अधिकारियों पर पहले से ही बहुत बड़ा दबाव और गंभीर चुनौतियां होती हैं। ऐसे अंतिम समय में इस तरह का कोई भी आदेश देना बिल्कुल सही नहीं होगा।”
अब जुलाई में NTA सुधारों से जुड़ी याचिकाओं के साथ होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका को पूरी तरह खारिज करने के बजाय इसकी अगली सुनवाई को जुलाई तक के लिए टाल दिया है। अदालत ने कहा कि जब जुलाई में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और परीक्षा सुधारों से जुड़ी अन्य सभी मुख्य याचिकाओं पर सुनवाई शुरू होगी, तब इस याचिका को भी उन्हीं के साथ जोड़कर सुना जाएगा। तब तक 21 जून को होने वाली परीक्षा अपने तयशुदा पेन-पेपर फॉर्मेट पर ही आयोजित की जाएगी।



