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जश्न, जुनून और जीत: सिंगापुर ओपन के सरताज बने सात्विक-चिराग

भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक क्षण में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार पुरुष युगल जोड़ी ने दो साल के खिताबी सूखे को समाप्त करते हुए सिंगापुर ओपन 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया।

भारतीय जोड़ी ने रोमांचक फाइनल में इंडोनेशिया के फजर अल्फियन और मुहम्मद फिक्री को 18-21, 21-17, 21-16 से हराकर इतिहास रच दिया और इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय पुरुष युगल टीम बन गई।

एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन इस भारतीय जोड़ी ने बेहतरीन वापसी करते हुए दो वर्षों में अपना पहला खिताब जीता। यह उनके करियर का नौवां बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब है भारतीय जोड़ी ने शुरुआती गेम में पिछड़ने के बाद रोमांचक मैच में 18-21, 21-17, 21-16 से जीत के साथ सुपर 750 स्तर का अपना तीसरा खिताब भी हासिल किया।

Picture Credit – Badminton Photo

विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर इस भारतीय जोड़ी के लिए यह जीत विशेष रूप से अहम रही, क्योंकि वे सिंगापुर ओपन में पुरुष युगल खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने। सात्विक और चिराग ने पिछली बार 2024 में थाईलैंड ओपन का खिताब जीता था।

तब से वे चार फाइनल में पहुंचे थे, लेकिन हर बार उपविजेता रहे। सिंगापुर में जीत के साथ उन्होंने अपने खिताबी सूखे को भी समाप्त कर दिया। फाइनल से पहले भारतीय जोड़ी को इंडोनेशिया की इस जोड़ी के खिलाफ खेले गए तीन मुकाबलों में से दो में हार मिली थी। इस प्रतिद्वंद्वी जोड़ी के खिलाफ उनकी पिछली हार जनवरी में मलेशिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में हुई थी।

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पहले गेम में पिछड़ने के बावजूद भारतीय जोड़ी ने अपने खेल की गति बढ़ाई और लंबी रैलियों में दबदबा बनाते हुए विश्व नंबर तीन इंडोनेशियाई जोड़ी के खिलाफ मुकाबले का रुख पलट दिया। यह जीत भारतीय जोड़ी के लिए एक शानदार सप्ताह का समापन भी रही। उन्होंने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के मौजूदा विश्व चैंपियन और शीर्ष वरीयता प्राप्त किम वोन-हो तथा सियो सेउंग-जे की जोड़ी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था।

जीत का निर्णायक अंक हासिल होते ही सात्विक और चिराग जश्न मनाने के लिए कोर्ट पर लेट गए। इसके बाद सात्विक ने बच्चों जैसी खुशी का प्रदर्शन किया, जबकि उत्साहित चिराग ने जोरदार दहाड़ लगाई और अपने साथी पर कूद पड़े।

बाद में दोनों खिलाड़ियों ने कोर्ट पर नृत्य किया और पोडियम के शीर्ष पायदान पर लंबे समय बाद वापसी का भरपूर आनंद लिया। पुरुष युगल फाइनल का यह संघर्षपूर्ण मुकाबला भारतीय जोड़ी के लिए आसान नहीं रहा। धीमी शुरुआत के बाद सात्विक और चिराग ने धीरे-धीरे लय हासिल की और अंततः मुकाबले पर अपना दबदबा स्थापित कर दिया।

पहले गेम में सात्विक और चिराग कुछ हद तक लय से बाहर नजर आए। वे शुरुआती चरण में 2-5 से पिछड़ गए थे, लेकिन सात्विक के दमदार स्मैशों से भारतीय जोड़ी ने वापसी करते हुए स्कोर 5-5 से बराबर कर लिया। इसके बाद मुकाबला कांटे की टक्कर का रहा। मध्यांतर तक भारतीय जोड़ी ने 11-9 की मामूली बढ़त बनाई थी। ब्रेक के बाद मुकाबले का रुख बदल गया। अल्फियन और शोहिबुल फिकरी ने लगातार तीन अंक जीतकर बढ़त हासिल कर ली।

इंडोनेशियाई जोड़ी ने 15-14 से बढ़त बनाई, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने 16-16, 17-17 तथा एक लंबी और थकाऊ रैली के बाद 18-18 पर स्कोर बराबर कर लिया। हालांकि, अहम मौकों पर हुई कुछ गलतियां उन पर भारी पड़ गईं। इंडोनेशियाई जोड़ी ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए पहल बनाए रखी और 21 मिनट में पहला गेम अपने नाम कर लिया। भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम मेंआक्रामक तेवरों के साथ वापसी की।

शुरुआत से ही सकारात्मक रवैया अपनाते हुए उन्होंने 2-0 की बढ़त बनाई और मध्यांतर तक 11-8 से आगे रहे। ब्रेक के बाद लगातार छह अंक हासिल कर भारतीय जोड़ी ने बढ़त 14-8 कर ली और इंडोनेशियाई खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ा दिया।

प्रतिद्वंद्वी जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन सात्विक और चिराग ने मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। वे 20-15 तक पहुंच गए। इंडोनेशियाई जोड़ी ने अंतर घटाकर 20-17 जरूर किया, लेकिन भारतीय जोड़ी ने 24 मिनट में दूसरा गेम जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इस दौरान नेट पर चिराग के सटीक और तेज खेल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

निर्णायक तीसरे गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन दबाव के क्षणों में भारतीय जोड़ी ने अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाया। सात्विक के शक्तिशाली स्मैश निर्णायक साबित हुए। लगातार पांच अंक जीतकर भारतीय जोड़ी ने 6-2 की बढ़त बना ली। इसके बाद भी उनका आक्रामक खेल जारी रहा और अंतिम मध्यांतर तक वे 11-6 से आगे हो गए। सात्विक और चिराग ने बढ़त को 12-7 तक पहुंचाया, लेकिन इंडोनेशियाई जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए अंतर घटाकर 12-11 कर दिया।

भारतीय खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया। दबाव भरे क्षणों में सात्विक के जोरदार स्मैश बार-बार भारतीय जोड़ी के काम आए। भारतीय जोड़ी ने 15-13 से बढ़त बढ़ाकर 16-13 और फिर 18-13 कर मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली। इंडोनेशियाई जोड़ी ने एक बार फिर वापसी का प्रयास किया, लेकिन नेट पर की गई लगातार गलतियों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दीं। जीत करीब आते ही सात्विक के आक्रामक प्रहार एक बार फिर असरदार साबित हुए और भारतीय जोड़ी ने 20-15 पर पहुंचकर पांच मैच प्वाइंट हासिल कर लिए।

सर्विस में देरी की वजह से भारतीय खिलाड़ियों को येलो कार्ड भी दिखाया गया, लेकिन इसका मैच के परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ा। अगले ही अंक पर अल्फियन का रिटर्न नेट में फंस गया और इसके साथ ही सात्विक तथा चिराग की जोड़ी यादगार जीत का जश्न मनाने में डूब गई।

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