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भारत के पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी ज़ैल सिंह की जयंती

ज्ञानी ज़ैल सिंह ने 25 जुलाई, 1982 से 25 जुलाई, 1987 तक भारत के सातवें राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। आज उनकी जयंती है। 5 मई, 1916 को पंजाब के फरीदकोट जिले के संधवान में जन्मे ज़ैल सिंह का करियर महत्वपूर्ण राजनीतिक योगदान और जनता की सेवा के प्रति समर्पण से चिह्नित था।

ज़ैल सिंह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में गहराई से शामिल थे और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदार थे। ब्रिटिश शासन के खिलाफ विभिन्न विरोध प्रदर्शनों और आंदोलनों में अपनी भूमिका के लिए उन्हें कई बार जेल भेजा गया था। आजादी के बाद, सिंह ने पंजाब में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक पदों पर आसीन हुए, मंत्री के रूप में और बाद में 1972 से 1977 तक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में भूमि सुधार और प्रशासनिक पुनर्गठन सहित कई महत्वपूर्ण पहलों को लागू किया गया।

1980 में, उन्हें प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडल में केंद्रीय गृह मंत्री नियुक्त किया गया था। गृह मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में उन्होंने कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दों सहित कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया।

1982 में, ज़ैल सिंह अपने करियर के शिखर पर पहुँच गए जब वे भारत के राष्ट्रपति चुने गए। राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल संवैधानिक औचित्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता और समानता के मूल्यों को बनाए रखने के प्रति उनके समर्पण से चिह्नित था।

ज़ैल सिंह अपनी विनम्रता और गरीबों एवं वंचितों के कल्याण के प्रति समर्पण के लिए भी जाने जाते थे। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव समानता और सामाजिक न्याय में उनके गहरे विश्वास को दर्शाता था।

ज्ञानी जैल सिंह का निधन 25 दिसंबर, 1994 को हुआ था। भारतीय राजनीति में उनके योगदान और जनता की सेवा के प्रति उनके समर्पण से प्रेरणा मिलती रहेगी।

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