आयोग ने 17 हजार से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती का लिया फैसला

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले चुनाव आयोग को कर्मियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए आयोग ने पहले चरण में काम कर चुके केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को फिर से ड्यूटी पर लगाने का निर्णय लिया है। आयोग ने 17,276 से अधिक कर्मचारियों को दूसरे चरण के मतदान में तैनात करने की योजना बनाई है।
आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इन कर्मचारियों को जिला स्तर पर तुरंत नियुक्त करने और उन्हें नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया है।
बताया गया है कि ये सभी कर्मचारी पहले चरण के मतदान में पहले ही अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं और अब उन्हें दूसरे चरण में भी तैनात किया जाएगा। प्रिसाइडिंग ऑफिसर समेत विभिन्न चार श्रेणियों में इनकी नियुक्ति की जाएगी।
रविवार को चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि जिलावार तैनाती में सबसे अधिक दक्षिण 24 परगना में 6620 कर्मचारियों को लगाया जा रहा है। इसके बाद उत्तर 24 परगना में 5680, नदिया में 1745, हावड़ा में कुल 724 (जिसमें डोमजूर में 221) कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। इसके अलावा दक्षिण कोलकाता में एक हज़ार 109, हुगली में 712 और पूर्व बर्धमान में 686 कर्मियों को नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, इस फैसले पर सवाल भी उठने लगे हैं। वोटकर्मी एकता मंच के महासचिव स्वप्न मंडल ने पूछा कि केवल केंद्रीय कर्मचारियों को ही क्यों तैनात किया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार के कई कर्मचारी अभी तक किसी चुनावी ड्यूटी में शामिल नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पहले देखने को नहीं मिली है, हालांकि उन्होंने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव की आवश्यकता पर जोर दिया।



