Trending

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रद्द किया पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस

जानिए आम ग्राहकों पर क्या होगा इसका सीधा असर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को एक बेहद कड़ा कदम उठाते हुए पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इस अहम फैसले के साथ ही देश की जानी-मानी फिनटेक कंपनी पेटीएम के बैंकिंग ऑपरेशंस अब पूरी तरह से बंद हो जाएंगे।

क्यों हुई इतनी बड़ी कार्रवाई?
RBI ने स्पष्ट किया है कि यह सख्त कार्रवाई बैंकिंग विनियमन अधिनियम (Banking Regulation Act), 1949 की धारा 22(4) के तहत की गई है।
* केंद्रीय बैंक द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज और प्रबंधन जमाकर्ताओं (depositors) और आम जनता के हितों के खिलाफ था।
* इसके अलावा, बैंक लगातार उन आवश्यक शर्तों का पालन करने में विफल साबित हुआ, जिनके आधार पर उसे पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस दिया गया था।
* आरबीआई ने यह भी कहा कि बैंक को आगे काम करने की अनुमति देने से कोई सार्वजनिक हित पूरा नहीं होता।

अब क्या होगा बैंक का?
लाइसेंस रद्द होने के बाद, पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब किसी भी तरह का ‘बैंकिंग’ व्यवसाय नहीं कर पाएगा। भारतीय रिजर्व बैंक अब इस बैंक को पूरी तरह से बंद करने (Winding up) के लिए उच्च न्यायालय (High Court) में एक औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करेगा।

जमाकर्ताओं के पैसों का क्या होगा?
इस खबर के बाद ग्राहकों के बीच चिंता का माहौल था, लेकिन आरबीआई ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों को घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। रेगुलेटर ने आश्वासन दिया है कि बैंक के पास इतनी पर्याप्त लिक्विडिटी (नकदी) मौजूद है कि वह अपने सभी जमाकर्ताओं का पूरा पैसा आसानी से वापस कर सकता है। ग्राहक अपने खातों में मौजूद पुरानी शेष राशि (balance) को बेरोकटोक निकाल सकते हैं।

पाबंदियों का लंबा इतिहास
पेटीएम पेमेंट्स बैंक लंबे समय से आरबीआई की निगरानी सूची में था।
* इससे पहले, 11 मार्च 2022 को आरबीआई ने बैंक पर कड़ा एक्शन लेते हुए उसे नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया था।
* बाद में, 31 जनवरी और 16 फरवरी 2024 को जारी आदेशों में बैंक के खातों, वॉलेट और अन्य इंस्ट्रूमेंट्स में नया पैसा जमा करने या टॉप-अप करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था।

पेटीएम ऐप और यूपीआई (UPI) पर असर
पेटीएम की मूल कंपनी, ‘वन97 कम्युनिकेशंस’ (One 97 Communications) ने एक बयान जारी कर यह स्पष्ट कर दिया है कि इस लाइसेंस रद्दीकरण का कंपनी के बाकी कामकाज पर कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि पेटीएम ऐप, पेटीएम यूपीआई (UPI), क्यूआर कोड (QR Code) और साउंडबॉक्स (Soundbox) जैसी अन्य सेवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं और बिना किसी बाधा के सामान्य रूप से काम करती रहेंगी। दरअसल, 2024 में लगे प्रतिबंधों के बाद से ही पेटीएम ने अपनी यूपीआई और अन्य भुगतान सेवाओं को अन्य सहयोगी बैंकों के बुनियादी ढांचे पर स्थानांतरित कर दिया था।

यह घटनाक्रम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश में वित्तीय और नियामक नियमों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है, और इसका उल्लंघन करने पर भारतीय रिजर्व बैंक किसी भी बड़ी फिनटेक कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

Related Articles

Back to top button