WMO की चेतावनी: मई-जुलाई 2026 में हो सकती है अल नीनो की वापसी, दुनिया भर में बढ़ेगा तापमान

जिनेवा/नई दिल्ली: वैश्विक मौसम के मिजाज को लेकर एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की एक ताजा रिपोर्ट ने संकेत दिया है कि दुनिया को एक बार फिर से चरम मौसम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मई-जुलाई 2026 के बीच ‘अल नीनो’ (El Nino) की वापसी होने की प्रबल संभावना है, जिसका सीधा असर वैश्विक तापमान और बारिश के चक्र पर पड़ेगा।
भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में तेजी से बदल रहे हालात
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) द्वारा जारी नवीनतम मासिक ‘ग्लोबल सीज़नल क्लाइमेट अपडेट’ (Global Seasonal Climate Update) ने भूमध्यरेखीय प्रशांत (Equatorial Pacific) क्षेत्र में एक स्पष्ट बदलाव का संकेत दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र की सतह का तापमान बहुत तेजी से बढ़ रहा है। समुद्र के तापमान में यह तेज वृद्धि इस बात की ओर इशारा कर रही है कि मई-जुलाई 2026 की शुरुआत में ही अल नीनो की स्थिति फिर से बन सकती है।
दुनिया भर में पड़ेगी भयंकर गर्मी
इस रिपोर्ट में आगामी महीनों के लिए जो पूर्वानुमान लगाया गया है, वह दुनिया भर के लिए चिंता का विषय है। WMO की रिपोर्ट ने आगामी तीन महीने की अवधि में “सामान्य से अधिक भूमि सतह के तापमान के लगभग वैश्विक प्रभुत्व” (nearly global dominance of above-normal land surface temperatures) का पूर्वानुमान लगाया है। इसका सीधा अर्थ यह है कि आने वाले समय में दुनिया के लगभग हर हिस्से में सामान्य से ज्यादा गर्मी पड़ेगी और लोगों को भीषण तापमान का सामना करना पड़ेगा।
बारिश के पैटर्न में भी आएंगे बड़े बदलाव
अल नीनो का प्रभाव केवल बढ़ते तापमान तक ही सीमित नहीं रहेगा। WMO की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बारिश के वितरण में उल्लेखनीय क्षेत्रीय भिन्नताएं (notable regional variations) देखने को मिलेंगी। मौसम में इस बड़े बदलाव के कारण कुछ क्षेत्रों में जहां अत्यधिक बारिश हो सकती है, वहीं अन्य हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति पैदा होने का भी खतरा बना रहेगा।
अल नीनो की इस संभावित वापसी को देखते हुए मौसम विज्ञानी और जलवायु विशेषज्ञ हाई अलर्ट पर हैं, क्योंकि इसका सीधा असर वैश्विक कृषि, जल संसाधनों और आम जनजीवन पर पड़ना तय है।



