विंबलडन में बड़ा बदलाव : पहली बार लागू होगी वीडियो रिव्यू तकनीक
ऑल इंग्लैंड क्लब ने शनिवार को एक अहम बदलाव की घोषणा करते हुए बताया कि विंबलडन इस साल के टूर्नामेंट में पहली बार वीडियो समीक्षा (रिव्यू) तकनीक को शामिल करेगा—जो खेल में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सबसे पुराने ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट में यह नई सुविधा सेंटर कोर्ट, नंबर एक कोर्ट (क्लब का दूसरा सबसे बड़ा कोर्ट) और चार अन्य कोर्ट पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अधिक मैचों में इसका लाभ मिल सके।
खिलाड़ियों को चेयर अंपायर द्वारा दिए गए कुछ खास फैसलों, जैसे ‘डबल बाउंस’, को चुनौती देने और उनका रिव्यू कराने की अनुमति होगी, जिससे विवादित स्थितियों में निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।

गौरतलब है कि वीडियो रिव्यू तकनीक ने 2023 अमेरिकी ओपन में ग्रैंड स्लैम स्तर पर अपनी शुरुआत की थी, और ऑस्ट्रेलियाई ओपन भी पहले से इसका उपयोग कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि खिलाड़ियों के लिए रिव्यू की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है, जिससे वे जरूरत पड़ने पर बार-बार इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
हालांकि, यह वीडियो रिव्यू प्रणाली गेंद के ‘इन’ या ‘आउट’ होने के फैसलों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक लाइन-कॉलिंग से अलग है, जो पहले से ही लागू है।
पिछले साल विंबलडन ने पारंपरिक लाइन जजों की जगह इलेक्ट्रॉनिक लाइन-कॉलिंग को अपनाया था, हालांकि इसके दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आई थीं।



