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आईटीआर (ITR) रिफंड प्रोसेसिंग की रफ्तार हुई दोगुनी

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए रिकॉर्ड 5.5 करोड़ रिटर्न के बाद विभाग की सक्रियता

विवेक ओझा/ नई दिल्ली: आयकर विभाग (Income Tax Department) ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स रिफंड (ITR Refund) जारी करने की प्रक्रिया को पहले से दोगुना तेज कर दिया है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए 31 जुलाई की समय सीमा तक 5.5 करोड़ से अधिक रिकॉर्ड रिटर्न दाखिल होने के तुरंत बाद, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने अपनी अत्याधुनिक एआई-संचालित (AI-driven) प्रोसेसिंग प्रणाली को पूरी क्षमता के साथ सक्रिय कर दिया है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, जिन करदाताओं ने ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) की प्रक्रिया पूरी कर ली है, उनमें से लाखों को केवल 7 से 10 दिनों के भीतर उनके बैंक खातों में रिफंड की राशि प्राप्त होने लगी है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग सेंटर’ (CPC, Bengaluru) को इस वर्ष और अधिक उन्नत बनाया गया है, जिससे त्रुटि रहित और सरल रिटर्न फाइलों की जांच मिनटों में हो रही है। वेतनभोगी वर्ग (Salaried Class) और छोटे कारोबारियों को इस त्वरित रिफंड प्रक्रिया से सबसे अधिक लाभ मिल रहा है।

करदाताओं के बीच इस बात को लेकर भारी उत्साह है कि उन्हें अपने ही पैसे वापस पाने के लिए अब महीनों का इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। सीबीडीटी (CBDT) ने उन लोगों से भी जल्द से जल्द अपने रिटर्न को ई-वेरिफाई करने की अपील की है, जिन्होंने केवल रिटर्न दाखिल कर दिया है लेकिन उसे प्रमाणित (Verify) नहीं किया है। विभाग का लक्ष्य आगामी कुछ हफ्तों के भीतर लगभग 80 प्रतिशत रिफंड दावों का निपटारा करना है, जो डिजिटल इंडिया (Digital India) और ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) की दिशा में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक कदम है।

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