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जंतर-मंतर प्रदर्शनों के बाद महिलाओं की ‘ऑनलाइन डॉक्सिंग’: पुलिस साइबर सेल ने तेज की जांच, कड़े कानूनों की उठी मांग

इंडियन व्यू टीम/ नई दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों के प्रदर्शनों में शामिल महिलाओं को अब भारी ‘ऑनलाइन उत्पीड़न’ और डॉक्सिंग (Doxxing) का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारी महिलाओं के वीडियो और तस्वीरें वायरल होने के बाद, कई ट्रोल्स द्वारा उनके फोन नंबर, घर के पते और निजी जानकारियां (Personal Information) सार्वजनिक कर दी गई हैं। इस खतरनाक कृत्य को ‘डॉक्सिंग’ कहा जाता है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इन महिलाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर न केवल भद्दी और अश्लील टिप्पणियां मिल रही हैं, बल्कि बलात्कार (Rape) और जान से मारने की धमकियां भी दी जा रही हैं। एक 19 वर्षीय प्रदर्शनकारी ने बताया कि अपनी निजी जानकारी सार्वजनिक होने और धमकियों के डर से उसने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स डिलीट कर दिए हैं।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इन मामलों का संज्ञान लिया है और कई विवादित पोस्ट्स के खिलाफ शिकायतें दर्ज कर स्टेटस रिपोर्ट तैयार की है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) में ‘डॉक्सिंग’ को स्पष्ट रूप से परिभाषित या एक गंभीर आपराधिक कृत्य के रूप में दंडित नहीं किया गया है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि पीड़िताएं भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (स्टॉकिंग) और 351 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज करा सकती हैं। इस बीच, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऐसी शिकायतों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

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