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गूगल ने ‘गूगल अर्थ’ से हटाया एआई इमेज जेनरेटर टूल: डीपफेक और फेक न्यूज को लेकर उठी थीं चिंताएं

अभिषेक सिंह/ कैलिफोर्निया / नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी गूगल (Google) ने अपने प्लेटफॉर्म ‘गूगल अर्थ’ (Google Earth) पर हाल ही में लॉन्च किए गए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इमेज जेनरेटर टूल को हटा दिया है। इस टूल को सभी उपयोगकर्ताओं के लिए जारी किए जाने के महज एक दिन बाद ही वापस ले लिया गया। शोधकर्ताओं और संगठनों के कड़े विरोध के बाद कंपनी को यह कदम उठाना पड़ा, जिन्होंने चेतावनी दी थी कि इस टूल का इस्तेमाल वास्तविक स्थानों की फर्जी सैटेलाइट तस्वीरें (Fabricated Satellite Imagery) बनाने में किया जा सकता है।

यह “क्रिएट इमेज” (Create image) टूल उपयोगकर्ताओं को गूगल अर्थ पर किसी भी स्थान को ज़ूम इन करके और एक प्रॉम्प्ट टाइप करके वहां की यथार्थवादी (Photorealistic) तस्वीरें बनाने की सुविधा देता था। यह टूल गूगल की ‘नैनो बनाना 2’ (Nano Banana 2) इमेज-जेनरेशन तकनीक पर आधारित था। लेकिन लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर, इंटरनेट पर लोगों ने इस टूल का उपयोग करके आतंकवादी हमलों और विनाश के डीपफेक (Deepfake) चित्र साझा करना शुरू कर दिया।

विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की थी कि इस टूल के दुरुपयोग से सार्वजनिक विश्वास को खतरा हो सकता है और दुनिया भर में सैटेलाइट इमेजरी की विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुंच सकता है। इस ‘गैर-जिम्मेदाराना’ (Irresponsible) तकनीक की कड़ी आलोचना के बाद गूगल ने इसे रोक दिया है। डिजिटल सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि टेक कंपनियों को ऐसे शक्तिशाली एआई टूल्स आम जनता के लिए जारी करने से पहले उनके संभावित दुरुपयोग (Misinformation) को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा उपाय (Guardrails) सुनिश्चित करने चाहिए।

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