Trending

राम मंदिर दान में कथित चोरी पर सियासी घमासान: कांग्रेस ने की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

सरिता त्रिपाठी/ नई दिल्ली / अयोध्या: अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण और उसमें भक्तों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के दान को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर के दान में हुई कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के दावों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मांग की है कि इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच (Supreme Court-monitored probe) कराई जाए, ताकि देश के करोड़ों रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ न हो।

कांग्रेस प्रवक्ताओं ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया है कि जब से मंदिर निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा करने का अभियान शुरू हुआ है, तब से फंड के प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठते रहे हैं। उनका दावा है कि दान पेटियों (Donation Boxes) और डिजिटल ट्रांसफर के माध्यम से आए पैसे का सही ऑडिट नहीं किया गया है, जिसके चलते कथित तौर पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की आशंका है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की श्रद्धा का प्रतीक है, इसलिए पाई-पाई का हिसाब जनता के सामने आना चाहिए।

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मंदिर ट्रस्ट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि कांग्रेस पार्टी अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए जानबूझकर राम मंदिर के पवित्र नाम को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। ट्रस्ट के अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि दान की गई पूरी राशि का नियमित ऑडिट किया जाता है और हर एक रुपये का पारदर्शी रिकॉर्ड मौजूद है। हालांकि, कांग्रेस के इस आक्रामक रुख से यह मुद्दा आगामी विधानसभा चुनावों में एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है।

Related Articles

Back to top button