बंगाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’: मुख्यमंत्री ने जनता के लिए जारी किए विशेष हेल्पलाइन नंबर, सीधे कर सकेंगे शिकायत

पल्लवी श्रीवास्तव कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सुशासन (Good Governance) और प्रशासनिक पारदर्शिता स्थापित करने की दिशा में राज्य की मुख्यमंत्री ने एक बेहद आक्रामक और सीधा कदम उठाया है। राज्य भर में निचले स्तर पर फैले भ्रष्टाचार, कट-मनी (रिश्वत) और प्रशासनिक लालफीताशाही (Red-tapism) की बढ़ती शिकायतों पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री ने आम जनता के लिए समर्पित ‘हेल्पलाइन नंबर’ (Helpline Numbers) जारी किए हैं। अब कोई भी नागरिक बिना किसी डर के सीधे इन नंबरों पर भ्रष्ट अधिकारियों या बिचौलियों की शिकायत दर्ज करा सकता है।
राज्य सचिवालय (नबन्ना) से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, यह हेल्पलाइन सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) की कड़ी निगरानी में काम करेगी। नागरिकों को यह आश्वासन दिया गया है कि शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और प्रामाणिक शिकायतों पर 48 से 72 घंटों के भीतर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी। चाहे मामला सरकारी योजनाओं (जैसे आवास योजना, राशन वितरण) में धांधली का हो, या किसी पुलिस अधिकारी द्वारा अवैध वसूली का, सीधे इन नंबरों पर ऑडियो या वीडियो साक्ष्य के साथ रिपोर्ट की जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंचायत और स्थानीय निकाय चुनावों में टिकट बंटवारे से लेकर योजनाओं के क्रियान्वयन तक में भ्रष्टाचार के आरोपों से सत्ताधारी पार्टी की छवि को हाल के दिनों में काफी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री का यह ‘डायरेक्ट-टू-पब्लिक’ आउटरीच कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक मशीनरी में जवाबदेही (Accountability) तय करेगा, बल्कि पार्टी के भीतर मौजूद भ्रष्ट तत्वों को भी कड़ा संदेश देगा। यह पहल लोक प्रशासन (Public Administration) में ई-गवर्नेंस और नागरिक-केंद्रित सेवाओं का एक बेहतरीन उदाहरण है।



