जॉनसन एंड जॉनसन का ऐतिहासिक फैसला: ‘टैल्क’ मुकदमों को खत्म करने के लिए 5.5 अरब डॉलर (लगभग 46,000 करोड़ रुपये) के सेटलमेंट की घोषणा

विवेक ओझा/ न्यूयॉर्क / नई दिल्ली: वैश्विक फार्मास्युटिकल और हेल्थकेयर दिग्गज कंपनी ‘जॉनसन एंड जॉनसन’ (J&J) ने अपने विवादित टैल्कम पाउडर (बेबी पाउडर) से जुड़े हज़ारों मुकदमों को हमेशा के लिए सुलझाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह टैल्क (Talc) से संबंधित दावों का निपटान करने के लिए 5.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 46,000 करोड़ रुपये) का भारी-भरकम ‘सेटलमेंट’ (समझौता) करेगी।
गौरतलब है कि जेएंडजे पर पिछले कई दशकों से अमेरिका और दुनिया के अन्य हिस्सों में हज़ारों मुकदमे चल रहे थे। पीड़ितों और उनके वकीलों का आरोप था कि कंपनी के प्रतिष्ठित ‘बेबी पाउडर’ और अन्य टैल्क आधारित उत्पादों में ‘एस्बेस्टस’ (Asbestos) के अंश मिले हुए थे, जिनके लंबे समय तक इस्तेमाल से महिलाओं में ओवेरियन कैंसर (Ovarian Cancer) और अन्य जानलेवा बीमारियां हुईं। जेएंडजे लगातार इन आरोपों का खंडन करती रही है और दावा करती रही है कि उनका उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित है, लेकिन मुकदमों के बढ़ते खर्च और ब्रांड की खराब होती छवि को देखते हुए कंपनी ने अंततः यह सेटलमेंट करने का फैसला किया है।
यह 5.5 अरब डॉलर की भारी राशि एक विशेष ट्रस्ट में जमा की जाएगी, जिसके जरिए हजारों वर्तमान और भविष्य के दावेदारों को वित्तीय मुआवजा दिया जाएगा। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि कॉर्पोरेट इतिहास में यह अब तक के सबसे बड़े प्रोडक्ट लायबिलिटी सेटलमेंट में से एक है। इस फैसले से शेयर बाज़ार में कंपनी के निवेशकों को भी राहत मिली है, क्योंकि इससे कंपनी पर मंडरा रहा कानूनी अनिश्चितता का बड़ा बादल छंट गया है। कंपनी पहले ही वैश्विक स्तर पर अपने टैल्क-आधारित बेबी पाउडर की बिक्री बंद कर चुकी है और अब केवल मकई के स्टार्च (Cornstarch) आधारित पाउडर बेच रही है।



