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‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) का बड़ा असर: 12 लाख से अधिक युवाओं को मिला अनुभवात्मक शिक्षण, ‘विकसित भारत’ की ओर अहम कदम

विवेक ओझा/ नई दिल्ली: भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) का सही उपयोग करने और युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार का ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) कार्यक्रम एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। पीआईबी की ताज़ा प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत अब तक पूरे देश में 12 लाख से अधिक युवाओं को अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning) कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा चुका है।

‘एमवाई भारत’ प्लेटफॉर्म को विशेष रूप से 15 से 29 वर्ष के युवाओं के लिए डिज़ाइन किया गया है, ताकि उन्हें नेतृत्व क्षमता, व्यावहारिक कौशल और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ा जा सके। किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर ‘करके सीखने’ (Learning by doing) की तर्ज पर इन 12 लाख युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और कॉर्पोरेट सेक्टर के साथ इंटर्नशिप और वॉलंटियर के रूप में काम करने का अवसर प्रदान किया गया है।

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय का मानना है कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल अकादमिक डिग्रियां काफी नहीं हैं; युवाओं में समस्या समाधान, टीम वर्क और वास्तविक जीवन की चुनौतियों से निपटने का कौशल होना चाहिए। ‘अनुभवात्मक शिक्षण’ के इस मॉडल के जरिए युवा ज़मीनी हकीकत से रूबरू हो रहे हैं। इस पहल ने न केवल उनके आत्मविश्वास में वृद्धि की है, बल्कि उन्हें रोज़गार के लिए भी अधिक सक्षम बनाया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में इस मंच से करोड़ों युवाओं को जोड़कर उन्हें ‘विकसित भारत @2047’ का मुख्य चालक बनाना है।

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