संसद की कार्यवाही फिर बाधित: पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन (INDIA) के सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में किया वॉकआउट

इंडियन व्यू टीम/ नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गहरे टकराव का गवाह बना। देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार से स्पष्ट जवाब न मिलने से नाराज विपक्षी गठबंधन (INDIA Bloc) के सांसदों ने गुरुवार को लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही का बहिष्कार (Walkout) कर दिया। इस वॉकआउट ने स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष इस सत्र में सरकार को किसी भी विधायी कामकाज पर चैन से बैठने नहीं देगा।
प्रश्नकाल में ही शुरू हो गया हंगामा
सुबह 11 बजे जैसे ही दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के सांसदों ने ‘नीट (NEET) रद्द करो’ और ‘शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कार्यस्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) के तहत सभी काम रोककर केवल शिक्षा के मुद्दे पर बहस कराने की मांग की। जब दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों (अध्यक्ष और सभापति) ने इस मांग को खारिज कर दिया, तो विपक्षी सांसद वेल (Well) में आ गए।
सरकार का जवाब और विपक्ष का वॉकआउट
हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहा है। इसके बाद, सरकार के रवैये को “अहंकारी और असंवेदनशील” बताते हुए, कांग्रेस, टीएमसी, सपा, डीएमके और अन्य सहयोगी दलों के सभी सांसदों ने एक साथ सदन से वॉकआउट कर दिया।
संसद के मकर द्वार (Makar Dwar) पर विपक्षी सांसदों ने हाथों में बैनर लेकर प्रदर्शन किया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “जब देश के लाखों युवा सड़कों पर रो रहे हैं, तो संसद में कोई और कामकाज कैसे हो सकता है? सरकार चर्चा से भाग रही है।” विपक्ष के इस कड़े रुख के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही को दिन भर के लिए स्थगित करना पड़ा।



