राम मंदिर दान विवाद में बड़ा राजनीतिक उबाल: उद्धव ठाकरे ने आज से महाराष्ट्र में ‘राम रक्षा’ आंदोलन शुरू करने का किया ऐलान

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ मुंबई: अयोध्या में राम मंदिर दान को लेकर उठे कथित वित्तीय अनियमितताओं और चोरी के विवाद ने अब एक बड़ा देशव्यापी राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में अब शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। ठाकरे ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी इस कथित भ्रष्टाचार और धार्मिक भावनाओं के अपमान के खिलाफ आज (5 जुलाई) से पूरे महाराष्ट्र में ‘राम रक्षा’ आंदोलन की शुरुआत कर रही है।
मुंबई में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि भगवान राम देश के करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं। देश के आम नागरिकों ने अपनी गाढ़ी कमाई से मंदिर निर्माण के लिए जो दान दिया है, उसमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी या चोरी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और जनता के सामने पाई-पाई का हिसाब रखा जाना चाहिए।
‘राम रक्षा’ आंदोलन के तहत शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ता पूरे महाराष्ट्र में जिला और तहसील स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे, रैलियां निकालेंगे और लोगों को इस कथित घोटाले के बारे में जागरूक करेंगे। पार्टी ने केंद्र सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों से इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग को भी दोहराया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए उद्धव ठाकरे का यह कदम उनके ‘हिंदुत्व’ के एजेंडे को फिर से धार देने की एक बड़ी कोशिश है। ‘राम रक्षा’ आंदोलन के जरिए ठाकरे यह संदेश देना चाहते हैं कि असली आस्था और धर्म की रक्षा उनकी पार्टी कर रही है। इस आंदोलन के शुरू होने से महाराष्ट्र की राजनीति और अधिक गरमाने के आसार बन गए हैं।



