संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से होगा शुरू

नई दिल्ली (पल्लवी श्रीवास्तव) : संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री रिजिजू ने कहा कि सत्र में राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लेने पर ध्यान दिया जाएगा।
आपको बता दें कि भारतीय संसद के एक वर्ष में सामान्यतः तीन सत्र होते हैं।
बजट सत्र: यह सबसे लंबा सत्र होता है जो जनवरी/फरवरी से शुरू होकर मई तक चलता है।
मानसून सत्र: यह आमतौर पर जुलाई से सितंबर तक आयोजित किया जाता है।
शीतकालीन सत्र: यह साल का अंतिम सत्र होता है, जो नवंबर से दिसंबर के बीच चलता है।
संसद के सत्र के संबंध में संविधान के अनुच्छेद 85 में प्रावधान किया गया है। संसद के किसी सत्र को बुलाने की शक्ति सरकार के पास है। इस पर निर्णय संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा लिया जाता है जिसे राष्ट्रपति द्वारा औपचारिक रूप दिया जाता है।
भारत में कोई निश्चित संसदीय कैलेंडर नहीं है। संसद के एक वर्ष में तीन सत्र होते हैं।
सबसे लंबा, बजट सत्र (पहला सत्र) जनवरी के अंत में शुरू होता है और अप्रैल के अंत या मई के पहले सप्ताह तक समाप्त हो जाता है। इस सत्र में एक अवकाश होता है ताकि संसदीय समितियाँ बजटीय प्रस्तावों पर चर्चा कर सकें।



