वेनेजुएला में विनाशकारी भूकंप: भारत ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ, लॉन्च किया ‘ऑपरेशन एमस्टैड’

विवेक ओझा | नई दिल्ली: लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला इस समय एक अभूतपूर्व और भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। हाल ही में आए दोहरे विनाशकारी भूकंप ने देश के कई बड़े शहरों को मलबे में तब्दील कर दिया है। इस त्रासदी में अब तक लगभग 1,000 लोगों के मारे जाने की दुखद खबर है और हजारों लोग अभी भी बेघर हैं। इस भारी संकट की घड़ी में, ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (पूरी दुनिया एक परिवार है) के अपने प्राचीन दर्शन पर अमल करते हुए, भारत ने वेनेजुएला की सहायता के लिए आधिकारिक तौर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया है, जिसे ‘ऑपरेशन एमस्टैड’ नाम दिया गया है।
क्या है ‘ऑपरेशन एमस्टैड’?
‘एमस्टैड’ एक स्पेनिश शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘मित्रता’ या ‘दोस्ती’ (Friendship)। इस नाम के जरिए भारत ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि भौगोलिक दूरी के बावजूद वह लैटिन अमेरिकी देशों के साथ गहरी मित्रता और एकजुटता रखता है। भारत सरकार के निर्देश पर भारतीय वायुसेना (IAF) के भारी मालवाहक विमान सी-17 ग्लोबमास्टर के जरिए राहत सामग्री की पहली खेप वेनेजुएला के लिए रवाना कर दी गई है।
इस खेप में मुख्य रूप से जीवन रक्षक दवाएं, क्रिटिकल केयर चिकित्सा उपकरण, टेंट, कंबल, पोर्टेबल अस्पताल स्थापित करने का सामान और सूखा राशन शामिल है।
एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीमें तैनात
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे जीवित लोगों को बाहर निकालना है। इसके लिए भारत ने नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की विशेष रूप से प्रशिक्षित टीमों को वेनेजुएला भेजा है। ये टीमें अपने साथ आधुनिक रेस्क्यू उपकरण, कंक्रीट काटने वाली मशीनें और प्रशिक्षित खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) का दस्ता लेकर गई हैं, ताकि बहुमंजिला इमारतों के मलबे में फंसे लोगों को समय रहते बचाया जा सके।
भारत की ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की छवि
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह पहली बार नहीं है जब भारत ने किसी अन्य देश में आपदा के समय इतनी तत्परता दिखाई है। ‘ऑपरेशन एमस्टैड’ भारत की उस उभरती हुई वैश्विक छवि को और मजबूती प्रदान करता है, जिसमें वह संकट के समय दुनिया के लिए ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ के रूप में काम कर रहा है।
इससे पहले तुर्की और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के दौरान भारत का ‘ऑपरेशन दोस्त’ बेहद सफल रहा था। नेपाल भूकंप (ऑपरेशन मैत्री) से लेकर कोविड-19 महामारी के दौरान दुनिया भर में ‘वैक्सीन मैत्री’ के जरिए भारत ने अपनी मानवीय प्रतिबद्धता को साबित किया है।
कूटनीतिक और मानवीय दृष्टिकोण
विशेषज्ञ इस कदम को केवल कूटनीति के चश्मे से नहीं, बल्कि एक शुद्ध मानवीय सहायता के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, वैश्विक पटल पर इसका अर्थ यह भी है कि भारत की पहुंच अब केवल दक्षिण एशिया या हिंद महासागर क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि लैटिन अमेरिका तक भारत की रणनीतिक और मानवीय क्षमताएं मजबूती से पहुंच रही हैं।
वेनेजुएला के स्थानीय प्रशासन और वहां फंसे नागरिकों के लिए भारतीय सहायता इस समय जीवनदान साबित हो रही है। विदेश मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि जब तक वेनेजुएला में हालात स्थिर नहीं हो जाते, भारत वहां के नागरिकों की हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। संकट के इन गहरे बादलों के बीच, ‘ऑपरेशन एमस्टैड’ के रूप में भारत द्वारा बढ़ाया गया यह मित्रता का हाथ पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।



