विनेश फोगाट की दमदार शुरुआत, चयन ट्रायल में ज्योति को 7-1 से हराया
एशियाई खेलों के लिए भारतीय कुश्ती टीम में जगह बनाने की कोशिश में जुटीं विनेश फोगाट ने शनिवार को चयन ट्रायल में शानदार शुरुआत करते हुए अपने पहले मुकाबले में ज्योति को 7-1 से हराया। शुरुआत में सतर्क रुख अपनाने वाली विनेश ने अधिकांश समय खड़े होकर मुकाबला किया, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपने दांव-पेंच दिखाने शुरू कर दिए।
उन्होंने जवाबी हमले में ‘पुश प्वाइंट’ हासिल कर खाता खोला और इसके तुरंत बाद दोनों टांगों पर हमला किया, हालांकि उससे उन्हें कोई अंक नहीं मिला। दूसरे पीरियड की शुरुआत में उन्हें क्लॉक पर रखा गया और वहीं से उन्होंने मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बनानी शुरू कर दी।
दाहिने पैर पर हमला करते हुए उन्होंने ज्योति को नीचे गिराया और 3-0 की बढ़त बना ली। ज्योति ने भी उनकी टांग पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन विनेश ने पूरी ताकत लगाकर उसे विफल कर दिया। इसके बाद जवाबी आक्रमण में विनेश ने दो फुर्तीले मूव्स से स्कोर 7-0 कर दिया, जबकि ज्योति केवल एक ‘पुशआउट’ अंक ही हासिल कर सकीं।

अब विनेश का सामना निशु से होगा, जिन्होंने अपने मुकाबले में रिया को हराया। दूसरी ओर, अंतिम पंघाल ने तन्नु को मात्र 34 सेकंड में तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर पराजित कर दिया। फाइनल में अंतिम और विनेश के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है। हालांकि उससे पहले विनेश को सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
इससे पहले शनिवार सुबह आधिकारिक वजन-माप के दौरान घटनाक्रम में नाटकीय मोड़ आया। विनेश को सूचित किया गया कि उन्हें केवल 50 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी जाएगी, क्योंकि उन्होंने पेरिस ओलंपिक सहित अपनी पिछली चार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसी भार वर्ग में हिस्सा लिया था।
विनेश ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया और आरोप लगाया कि उन्हें अपनी पसंद के भार वर्ग में उतरने से रोककर महासंघ उनके साथ भेदभाव कर रहा है। मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार, विवाद बढ़ने के बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने हस्तक्षेप किया और विनेश को 53 किलोग्राम वर्ग के ट्रायल में भी भाग लेने की अनुमति देने का फैसला किया।
डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने एक समाचार एजेंसी से कहा, “विनेश के आरोप लगाने के बाद हमने अधिकारियों को उनका वजन मापने की अनुमति दी।” उन्होंने आगे कहा, “हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहते। उन्होंने यह नहीं बताया था कि वह किस श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करना चाहती हैं, फिर भी हम उन्हें अनुमति दे रहे हैं।”
इसके बाद विनेश का वजन 53.9 किलोग्राम दर्ज किया गया और उन्हें 53 किलोग्राम वर्ग के ड्रॉ में शामिल कर लिया गया। ट्रायल की तैयारी के दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में विनेश ने कहा कि वह अभी कम से कम दो वर्षों तक प्रतिस्पर्धी कुश्ती जारी रखने के इरादे से मैदान में उतरी हैं। उन्होंने कहा, “मैं यहां कम से कम दो साल तक रहूंगी।”
इस फैसले को डब्ल्यूएफआई के लिए अपने पूर्व रुख से पीछे हटने के रूप में देखा जा रहा है। महासंघ अब तक यही कहता रहा था कि हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार 50 किलोग्राम वर्ग में खेलने और भार वर्ग परिवर्तन की औपचारिक सूचना न देने के कारण विनेश पर केवल उसी श्रेणी में विचार किया जाएगा।
यह मामला पहले से ही चर्चा का विषय था। हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने डब्ल्यूएफआई को निर्देश दिया था कि विनेश को एक ‘प्रतिष्ठित खिलाड़ी’ के रूप में मान्यता देते हुए एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी जाए। विनेश अपने करियर में 53 किलोग्राम सहित कई भार वर्गों में प्रतिस्पर्धा कर चुकी हैं और वह ट्रायल में इसी वर्ग में भाग लेना चाहती थीं। ट्रायल के विजेता को इस वर्ष आयोजित होने वाले एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।



