आईपीएल फाइनल में आरसीबी-गुजरात की टक्कर, आक्रामकता बनाम संयम की होगी जंग
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आईपीएल में लगातार दूसरी बार खिताब जीतने के अपने सपने को साकार करने के लिए रविवार को मैदान में उतरेगी। हालांकि उसके सामने गुजरात टाइटंस की कड़ी चुनौती होगी, जिसके चलते इस मुकाबले में दो अलग-अलग खेल शैलियों की दिलचस्प टक्कर देखने को मिल सकती है।
आरसीबी ने पूरे टूर्नामेंट में अपने आक्रामक और बेखौफ अंदाज से दबदबा कायम किया है, जबकि गुजरात टाइटंस ने धैर्य, संयम और योजनाबद्ध क्रिकेट खेलकर प्रभावित किया है तथा पांच वर्षों में तीसरी बार फाइनल में जगह बनाई है। कागजों पर मौजूदा चैंपियन आरसीबी को 2022 की विजेता गुजरात टाइटंस के खिलाफ मजबूत दावेदार माना जा रहा है, क्योंकि इस पूरे सत्र में उसका जोखिम उठाने वाला और आक्रामक खेल बेहद प्रभावशाली रहा है।
हालांकि यह रणनीति कभी-कभी टीम को मुश्किल में भी डालती रही है, लेकिन विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, टिम डेविड, कप्तान रजत पाटीदार, उपलब्ध रहने पर फिल साल्ट और वेंकटेश अय्यर ने लगातार सकारात्मक और आक्रामक बल्लेबाजी की है। पहले क्वालीफायर में भी आरसीबी ने इसी बेखौफ अंदाज के दम पर गुजरात टाइटंस को हराया था।

पिच की परिस्थितियों या विरोधी गेंदबाजों की रणनीतियों का भी आरसीबी के इस आक्रामक रवैये पर बहुत कम असर पड़ा है। इस सत्र में कोई अन्य टीम उतनी बार 200 से अधिक रन नहीं बना सकी है, जितनी बार आरसीबी ने यह उपलब्धि हासिल की है।
कप्तान रजत पाटीदार की शांत और संतुलित नेतृत्व शैली ने भी पिछले दो सत्रों में टीम को स्थिरता प्रदान की है। वह पूर्व कप्तानों विराट कोहली और फाफ डु प्लेसिस की तरह भावनात्मक रूप से मुखर नहीं हैं, लेकिन उनके निर्णयों में आत्मविश्वास झलकता है, जिससे टीम के अनुभवी और युवा खिलाड़ी दोनों सहज महसूस करते हैं।
आरसीबी की गेंदबाजी इकाई भी इस बार किफायती और प्रभावी रही है। टीम ने पावरप्ले में ही विरोधी बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफलता हासिल की है। भुवनेश्वर कुमार की अगुवाई वाली इस गेंदबाजी इकाई को गुजरात टाइटंस के शानदार फॉर्म में चल रहे शीर्ष क्रम के खिलाफ अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की जरूरत होगी।
दूसरी ओर, इस टूर्नामेंट में जहां अधिकांश टीमें पावरप्ले में 11 से 12 रन प्रति ओवर की गति से रन बना रही हैं, वहीं गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेबाज कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने अपेक्षाकृत संयमित दृष्टिकोण अपनाया है। उनकी रन गति नौ रन प्रति ओवर से थोड़ा अधिक रही है। यह रणनीति इसलिए भी अपनाई गई है क्योंकि गुजरात का मध्यक्रम अपेक्षाकृत कमजोर माना जाता है और टीम की बल्लेबाजी का अधिकांश भार शीर्ष तीन बल्लेबाजों—शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर—पर ही निर्भर रहता है।
इसके बावजूद इन तीनों बल्लेबाजों ने पूरे सत्र में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। गिल ने 722 रन (स्ट्राइक रेट 163), सुदर्शन ने 710 रन (स्ट्राइक रेट 159) और बटलर ने 507 रन (स्ट्राइक रेट 157) बनाए हैं। फाइनल जैसे अहम मुकाबले में भी टीम को एक बार फिर इनसे बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। इस सत्र में गुजरात टाइटंस का घरेलू रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है।
टीम ने अपने सात घरेलू मुकाबलों में से पांच में जीत दर्ज की है, जिससे उसे कुछ अतिरिक्त आत्मविश्वास जरूर मिलेगा। हालांकि यह चुनौती आसान नहीं होगी, क्योंकि आरसीबी की गेंदबाजी इकाई बेहद विविध और धारदार है। भुवनेश्वर कुमार 26 विकेट के साथ पर्पल कैप की सूची में दूसरे स्थान पर हैं, जबकि जोश हेजलवुड (13 विकेट), रसिख सलाम (16 विकेट) और कृणाल पंड्या (13 विकेट) ने मिलकर मजबूत आक्रमण तैयार किया है। कृणाल ने बल्ले से भी उपयोगी योगदान दिया है।
गेंदबाजी के मामले में गुजरात टाइटंस को हल्की बढ़त हासिल हो सकती है, लेकिन आरसीबी की बल्लेबाजी की गहराई और हर क्रम में मौजूद आक्रामक बल्लेबाज उसे स्पष्ट बढ़त दिलाते हैं। हालांकि गुजरात की गेंदबाजी इकाई में आरसीबी की इस आक्रामकता पर अंकुश लगाने की क्षमता है, विशेषकर तब जब अहमदाबाद की पिच गेंदबाजों की मदद करे।
कागिसो रबाडा इस समय 28 विकेट के साथ पर्पल कैप की दौड़ में सबसे आगे हैं। उनके अलावा मोहम्मद सिराज, राशिद खान, जेसन होल्डर और प्रसिद्ध कृष्णा ने मिलकर गुजरात का मजबूत गेंदबाजी आक्रमण तैयार किया है। रबाडा और सिराज ने इस सत्र में क्रमशः 165 और 162 डॉट गेंदें फेंकी हैं, जो दर्शाता है कि वे सपाट पिचों पर भी बल्लेबाजों पर नियंत्रण बनाए रखने में सफल रहे हैं।
दोनों तेज गेंदबाजों ने हार्ड लेंथ गेंदबाजी का बेहतरीन उपयोग करते हुए बड़े शॉट खेलने वाले बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया है। हालांकि सिराज की फिटनेस पर भी नजर रहेगी। शुक्रवार को मुल्लांपुर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ क्वालीफायर-2 के दौरान उनके कंधे में कुछ परेशानी देखी गई थी। उन्होंने अपने चारों ओवर पूरे किए, लेकिन मैदान पर असहज नजर आए। गुजरात टाइटंस यही उम्मीद करेगा कि यह समस्या गंभीर न हो।
कागजों पर आरसीबी इस मुकाबले की प्रबल दावेदार दिखाई देती है और कई विशेषज्ञों की नजर में यह फाइनल उसके पक्ष में जाता हुआ मुकाबला माना जा रहा है। आरसीबी की नजर अब चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बाद लगातार दो आईपीएल खिताब जीतने वाली तीसरी टीम बनने पर है, जो उसके लिए पूरी तरह संभव लक्ष्य प्रतीत होता है।
दूसरी ओर, गुजरात टाइटंस भले ही पूरे सत्र में संयमित क्रिकेट खेलती रही हो, लेकिन वह आरसीबी की आक्रामकता को रोकने के लिए कोई अवसर हाथ से नहीं जाने देना चाहेगी। ऐसे में दोनों टीमों के बीच यह खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक और यादगार होने की पूरी संभावना रखता है।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु : रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेज़लवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, कृणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विकी ओस्टवाल, विहान मल्होत्रा
गुजरात टाइटंस: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), शाहरुख खान, अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, टॉम बैंटन, ग्लेन फिलिप्स, जेसन होल्डर, निशांत सिंधू, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, साई किशोर, जयंत यादव, अरशद खान, शाहरुख खान, मानव सुथार, राशिद खान, मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, इशांत शर्मा, गुरनूर बराड़, अशोक शर्मा, ल्यूक वुड, पृथ्वी राज यारा



