बिहार की राजनीति में नया अध्याय – सम्राट चौधरी बने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री
बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेता सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर ली है। यह पल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए एक मील का पत्थर है, क्योंकि सम्राट चौधरी बिहार के इतिहास में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाले पहले भाजपा नेता बन गए हैं।
मंगलवार को हुई एनडीए विधायक दल की एक अहम बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया था, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। हिंदुस्तान टाइम्स की 15 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को उन्होंने विधिवत रूप से पद और गोपनीयता की शपथ ली। तस्वीरों में उनके साथ नीतीश कुमार भी मुस्कुराते हुए नज़र आ रहे हैं, जो इस सत्ता हस्तांतरण और गठबंधन के भीतर हुए इस बड़े बदलाव को दर्शाता है।
लंबे समय तक भाजपा ने बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के साथ सहयोगी की भूमिका निभाई है, लेकिन अब सीधे भाजपा के हाथ में राज्य की कमान आना एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है। सम्राट चौधरी, जो अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली, स्पष्टवादिता और जमीनी पकड़ के लिए जाने जाते हैं, उनके नेतृत्व में भाजपा अब राज्य में अपने कोर एजेंडे को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल नेतृत्व का परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह बिहार की राजनीति के एक नए युग की शुरुआत है। जहाँ एक तरफ भाजपा के कार्यकर्ता इस ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित क्षण का जश्न मना रहे हैं, वहीं विपक्ष इस नए राजनीतिक समीकरण और भाजपा के पूर्ण वर्चस्व से निपटने के लिए अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गया है।



