सरपंच’ टैग पर बोले श्रेयस अय्यर – नाम नहीं, जीत है असली पहचान
पंजाब किंग्स के कप्तान को फैंस सरपंच कहकर बुलाते हैं। अब तक ये टैग किसी भी कप्तान पर सूट नहीं करता था, लेकिन श्रेयस अय्यर पर सरपंच का टैग जचता है।
श्रेयस अय्यर भी इस टैग को पाकर खुश हैं, लेकिन उन्होंने बोला है कि यह चीज मायने नहीं रखती। मायने रखती है तो सिर्फ जीत। श्रेयस ने ये भी बताया है कि उन्हें यह टैग कैसे मिला। आईपीएल 2025 के मेगा ऑक्शन में पंजाब किंग्स ने उन्हें खरीदा था और कप्तान बनाया था।
सरपंच को लेकर श्रेयस अय्यर ने पंजाब किंग्स की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “सरपंच का टैग मुझे लास्ट ईयर मिला था और अभी कुछ समय पहले मैं बाहर बात कर रहा था सरपंच को लेकर ही बात कर रहा था।

जब मुझे पहले यह टैग मिला तो मुझे पूछना पड़ा लोगों से कि क्या है असली मतलब? जैसे अर्शदीप को मैंने पूछा था लास्ट ईयर कि क्या इसका मीनिंग है? कैसा इधर यूज करते हैं टर्म? तो फिर उसने बोला सरपंच जो हेड रहते हैं कम्युनिटी का उसको बोला जाता है और फिर यह मेरे पर सूट किया।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसा नहीं है कि अचानक से मुझे वो पसंद आया, लेकिन जैसे कि मैं रास्ते में भी जा रहा था लोग मुझे बुला रहे थे और अभी लास्ट एक साल हो गया यहां आईपीएल में खेल के तो फिर सब लोग अभी जब भी मुझे मिलते हैं तो यही बुलाते हैं तो एक तरीके से अच्छा भी महसूस होता है और मोटिवेट भी करता है मुझे कि अगले अभी यह सीजन में आया हूं मैं तो सभी की उम्मीदें ज्यादा होंगे।
मुझे चुनौतियां पसंद हैं। चैलेंज को पूरा करने के लिए आपको अच्छी टीम भी चाहिए होती और वह हमारे पास है।” कप्तान ने आगे कहा, “मुझे यह सब जब टैग मिला था मैं उस समय इससे बहुत खुश था, लेकिन यह दूसरी चीज है। पहली चीज ये है कि हम जब मैदान पर उतरें तो हमें मैच जीतना है।
जैसे कि इन्होंने कहा बस जीतना ही महत्वपूर्ण है।” पंजाब किंग्स इस साल अपनी अधूरी ख्वाहिश को पूरी करना पसंद करेगी। पंजाब की टीम दो बार फाइनल में जरूर पहुंची है, लेकिन दोनों बार इस टीम को आईपीएल के फाइनल में हार मिली है। पिछले साल ही एक फाइनल इस टीम ने खेला है।



