'भारत की पहुंच से दूर नहीं दुश्मन का कोई भी ठिकाना', वायुसेना प्रमुख की पाकिस्तान को सीधी चेतावनी; बोले- ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दी क्षमता
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के अनुसार, पश्चिमी सीमा पर चार दिनों तक चला ऑपरेशन सिंदूर लगभग 1,200 किलोमीटर की चौड़ाई और 200 किलोमीटर की गहराई तक फैला हुआ था। इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने दुश्मन के ठिकानों पर अत्यंत सटीक और मारक प्रहार किए। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने देश के प्राथमिक जवाबी रक्षक और एक मजबूत रणनीतिक निवारक के रूप में वायु शक्ति की निर्णायक भूमिका को एक बार फिर साबित कर दिया है।

अभिषेक सिंह/ नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने रविवार (25 अक्टूबर, 2026) को पाकिस्तान को सीधी और सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिमी मोर्चे पर किए गए सटीक हमलों ने यह साबित कर दिया है कि अब दुश्मन का कोई भी ठिकाना भारतीय वायुसेना की पहुंच से बाहर नहीं है। पीटीआई को दिए एक विशेष इंटरव्यू में वायुसेना प्रमुख ने यह बयान दिया।
ऑपरेशन सिंदूर की व्यापकता
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के अनुसार, पश्चिमी सीमा पर चार दिनों तक चला ऑपरेशन सिंदूर लगभग 1,200 किलोमीटर की चौड़ाई और 200 किलोमीटर की गहराई तक फैला हुआ था। इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने दुश्मन के ठिकानों पर अत्यंत सटीक और मारक प्रहार किए। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने देश के प्राथमिक जवाबी रक्षक और एक मजबूत रणनीतिक निवारक के रूप में वायु शक्ति की निर्णायक भूमिका को एक बार फिर साबित कर दिया है।
'क्षमता-केंद्रित रणनीति' की जीत
वायुसेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर को वायुसेना की 'क्षमता-केंद्रित' (capability-centric) रणनीति की बड़ी सफलता करार दिया। उन्होंने कहा कि वायुसेना अब अलग-अलग प्लेटफॉर्म के बजाय समग्र क्षमता के बारे में सोचती है, जहां हर विमान, सेंसर, हथियार और नेटवर्क इस तरह एकीकृत है कि उनका संयुक्त प्रभाव अलग-अलग हिस्सों के योग से कहीं अधिक हो। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान स्वदेशी रूप से विकसित कुछ हथियार प्रणालियों ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए दुश्मन के इलाके में गहराई तक गंभीर चोट पहुंचाई।
भविष्य के लिए सबक
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने आगाह किया कि इस सफलता के बाद सेना को लापरवाह नहीं होना चाहिए, बल्कि अपनी क्षमताओं को लगातार मजबूत करना होगा। उन्होंने कहा, "इस ऑपरेशन से सबसे बड़ा सबक यह मिला कि हमें हमेशा कई विकल्प खुले रखने चाहिए और दुश्मन के दांव-पेंच बदलते ही तेजी से रणनीति में बदलाव करने में सक्षम होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि वायुसेना आगे भी इसी दिशा में काम करेगी, ताकि जरूरत पड़ने पर देश को और तेज, सटीक और निर्णायक जवाब दिया जा सके।
ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ऑपरेशन सिंदूर को पिछले साल मई में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में लॉन्च किया गया था। इसके तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकी ढांचों पर सटीक हमले किए थे। यह 1971 के बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के बाद से भारत की सबसे साहसिक सीमा पार सैन्य कार्रवाई मानी जाती है।
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