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महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर पीएम मोदी ने दीं शुभकामनाएं, कहा- ‘उनके सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आप सभी को महर्षि वाल्मीकि जयंती की असीम शुभकामनाएं। उनके सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को पुष्पित-पल्लवित करते रहेंगे। मानवता के लिए उनके अनमोल संदेश देशवासियों के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।”

Poonam Kumari
October 26, 2026
4 min read
महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर पीएम मोदी ने दीं शुभकामनाएं, कहा- ‘उनके सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व

नई दिल्ली ( सरिता त्रिपाठी ) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महर्षि वाल्मीकि की जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को पुष्पित-पल्लवित करते रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “आप सभी को महर्षि वाल्मीकि जयंती की असीम शुभकामनाएं। उनके सद्विचार भारतीय संस्कृति और विरासत के मूल तत्व रहे हैं, जो हर युग में राष्ट्र को पुष्पित-पल्लवित करते रहेंगे। मानवता के लिए उनके अनमोल संदेश देशवासियों के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।”

पीएम मोदी ने ‘संस्कृत सुभाषितम्’ भी किया शेयर

पीएम मोदी ने एक अन्य पोस्ट में ‘संस्कृत सुभाषितम्’ भी शेयर किया, जिसमें लिखा, “तामभ्यगच्छद्रुदितप्रवादात्कविः कुशेध्माहरणाय यातः। निषादविद्धाण्डजदर्शनोत्थः श्लोकत्वमापद्यत यस्य शोकः॥” यह श्लोक महाकवि कालिदास की ओर से रचित महाकाव्य ‘रघुवंशम्’ के चौदहवें सर्ग (सर्ग 14, श्लोक 70) से लिया गया है।

‘सुभाषितम्’ में कहा गया है, “कुश और यज्ञ की समिधाएं लेने गए महर्षि वाल्मीकि ने जब क्रौञ्ची का करुण विलाप सुना, तब उनके निर्मल हृदय में जागी करुणा श्लोक के रूप में प्रकट हुई। यही श्लोक त्रिकालज्ञ महर्षि वाल्मीकि की करुणा, समभाव, तपस्या और विद्वत्ता से रामायण की रचना का आधार बना।”

इससे पहले ‘मन की बात’ में महर्षि वाल्मीकि को किया याद

इससे पहले, रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम मोदी ने महर्षि वाल्मीकि को याद किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “हजारों वर्ष बीत गए, लेकिन महर्षि वाल्मीकि जी की रामायण आज भी हमें कुछ नया सिखाती है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से हमें जीवन की गहरी सीख दी है। एक ओर वे निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश देते हैं, तो दूसरी ओर सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता का महत्व समझाते हैं।”

उन्होंने कहा, “वाल्मीकि रामायण में भगवान राम का चरित्र इन मूल्यों का बहुत सुंदर उदाहरण है। भगवान राम ने माता शबरी के प्रेम और भक्ति को अपनाया। निषादराज की मित्रता को सम्मान दिया। सबको साथ लेकर चलने का भाव, ये आदर्श आज भी हमें दिशा दिखाते हैं। इस भावना का प्रतिबिंब अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भी दिखाई देता है। वहां महर्षि वाल्मीकि, निषादराज और माता शबरी के मंदिर भी बनाए गए हैं।”

अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम भी महर्षि वाल्मीकि के नाम पर

पीएम मोदी ने संतोष जताते हुए कहा कि अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम भी महर्षि वाल्मीकि के नाम पर ही रखा गया है। उन्होंने कहा, “ये प्रयास हमारी उसी महान परंपरा को समृद्ध करते हैं, जिसमें सेवा, समरसता और करुणा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।”

केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि अर्पित की और देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। ‘एक्स’ पर उन्होंने कहा “महाकाव्य ‘रामायण’ के रचयिता, आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए ‘रामायण’ के महत्व और भगवान श्री राम के शाश्वत आदर्शों पर प्रकाश डाला। अपने संदेश में उन्होंने कहा “आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की पावन जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उन्होंने अपनी महान रचना ‘रामायण’ के माध्यम से भगवान श्री राम के चरित्र और सनातन संस्कृति के शाश्वत मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया।”

आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा, “भगवान श्री राम का चरित्र सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य-पालन जैसे अमर आदर्शों का जीवंत प्रतीक है। आज भी, ‘रामायण’ पूरी मानवता को धर्म, सदाचार और लोक-कल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।”

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने भी लोगों को शुभकामनाएं दीं और महर्षि वाल्मीकि के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने ‘रामायण’ के माध्यम से भगवान श्री राम की कथा को संरक्षित करने तथा उसे जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान की सराहना की। ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा “रामायण के रचयिता, आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के अवसर पर – जिन्होंने भगवान श्री राम की पावन गाथा को जन-जन के हृदय में बसाया – मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करती हूं और …

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