अमेरिकी जनरल का सनसनीखेज कबूलनामा: ईरान और यूक्रेन युद्ध की टॉप सीक्रेट जानकारी पत्रकारों को लीक की, पॉलीग्राफ टेस्ट में फेल होने के बाद वीडियो पर स्वीकारा

विवेक ओझा
वाशिंगटन: अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) में बड़ा विवाद सामने आया है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा बर्खास्त किए गए लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया ने स्वीकार किया है कि उन्होंने करीब एक साल तक ईरान और यूक्रेन युद्ध से जुड़ी गोपनीय जानकारी पत्रकारों को लीक की। यह खुलासा आंतरिक जांच रिपोर्ट में हुआ है, जिसे अमेरिकी मीडिया ने एक्सेस किया है।
जनरल सिल्विया कौन हैं?
ब्रेट सिल्विया जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के स्ट्रैटेजी, प्लान्स एंड पॉलिसी डायरेक्टोरेट (J5) के प्रमुख थे, यानी पेंटागन के शीर्ष सैन्य योजनाकार। उन्हें बुधवार को रक्षा सचिव हेगसेथ ने "गंभीर कदाचार" के आरोप में बर्खास्त कर दिया था।
कैसे हुआ लीक?
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्विया ने दो अलग-अलग मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के साथ गोपनीय जानकारी साझा की। यह लीक जून 2025 में शुरू हुआ और पेंटागन द्वारा मीडिया एक्सेस पर सख्ती के बाद भी जारी रहा। उन्होंने एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप 'सिग्नल' के जरिए पत्रकारों से संपर्क किया। एक पत्रकार से वे वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में सिल्वर डाइनर में व्यक्तिगत रूप से मिले, जब उस पत्रकार का पेंटागन में प्रवेश रद्द कर दिया गया था। उस मुलाकात में उन्होंने एक गोपनीय रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान बनाए गए नोट्स के आधार पर यूक्रेन को अमेरिकी सहायता से जुड़ी जानकारी मौखिक रूप से दी। पत्रकार एक किताब लिख रहा था और उसने सिल्विया से दो बार मुलाकात की। रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्विया ने पेंटागन के पब्लिक अफेयर्स ऑफिस के साथ इन मुलाकातों का समन्वय नहीं किया और जानकारी साझा करने से पहले मंजूरी नहीं ली।
पॉलीग्राफ टेस्ट में फेल, वीडियो पर स्वीकारोक्ति
एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, सिल्विया ने जांच के दौरान कई पॉलीग्राफ टेस्ट फेल किए, जिसके बाद उन्होंने वीडियो पर अपना गुनाह कबूल किया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सिल्विया ने जांचकर्ताओं के साथ सहयोग किया और अपना व्यक्तिगत फोन फॉरेंसिक जांच के लिए सौंप दिया।
संदेशों को जानबूझकर डिलीट करने का शक
अधिकारियों को शक है कि सिल्विया ने एक पत्रकार के साथ अपने सिग्नल संदेशों को जानबूझकर डिलीट किया और इसे गलती से हुआ बताया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें जून या जुलाई में एक सिग्नल संदेश मिला था, जो उन्हें लगा कि ईरान से जुड़ा था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इसका सटीक विवरण याद नहीं है और उन्होंने इसे डिलीट कर दिया, यह सोचकर कि उन्होंने पूरी बातचीत की थ्रेड ही गलती से मिटा दी। इससे उनके व्यक्तिगत फोन से सिग्नल संदेश और कॉल भी मिट गए, जो अन्यथा बरामद हो सकते थे। अधिकारियों को शक है कि सिल्विया ने जानबूझकर ऐसा किया।
न्याय विभाग को भेजी गई जांच
यह जांच अब आगे की कार्रवाई के लिए अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) को भेज दी गई है। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि रक्षा विभाग "गोपनीय जानकारी के जानबूझकर, अनधिकृत खुलासे के प्रति शून्य सहनशीलता" रखता है और संवेदनशील सामग्री की सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई है। उन्होंने सिल्विया का नाम नहीं लिया, लेकिन पुष्टि की कि यह मामला अन्य मामलों के साथ संभावित कानूनी कार्रवाई के लिए न्याय विभाग को भेजा गया है।
ट्रंप का बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब गुरुवार को इस बर्खास्तगी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सिल्विया को "बड़ी समस्याएं" होंगी और प्रशासन "लीक करने वालों की बहुत तलाश कर रहा है"।
हेगसेथ का अभियान
सिल्विया की बर्खास्तगी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के पेंटागन में लीक और मीडिया एक्सेस के खिलाफ चल रहे अभियान की नवीनतम कड़ी है। जुलाई में, रक्षा विभाग ने न्याय विभाग के साथ एक संयुक्त टास्क फोर्स की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य पेंटागन में लीक करने वालों की पहचान करना था।
