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लिकटेंस्टीन प्रिंस एलोइस राजकीय दौरे पर पहुंचे मुंबई

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत में लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलोइस का स्वागत है। वो भारत की राजकीय यात्रा पर मुंबई पहुंचे। महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल मंत्री, जयकुमार रावल ने उनका स्वागत किया।”

Poonam Kumari
October 26, 2026
2 min read
लिकटेंस्टीन प्रिंस एलोइस राजकीय दौरे पर पहुंचे मुंबई

मुंबई ( अभिषेक सिंह) : लिकटेंस्टीन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष और वंशानुगत राजकुमार एलोइस ने भारत दौरे की शुरुआत मुंबई से की है। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल मंत्री जयकुमार रावल ने किया। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, “भारत में लिकटेंस्टीन के हेरेडिटरी प्रिंस एलोइस का स्वागत है। वो भारत की राजकीय यात्रा पर मुंबई पहुंचे। महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल मंत्री, जयकुमार रावल ने उनका स्वागत किया।”

विदेश मंत्रालय ने रविवार को ही इस यात्रा का अपडेट शेयर किया था। बताया था कि प्रिंस देर रात भारत पहुंचेंगे और 28 अक्टूबर तक यहीं रहेंगे। उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफी, लिकटेंस्टीन की उप प्रधानमंत्री सबीने मोनाउनी और वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी आया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रिंस एलोइस की द्विपक्षीय बैठक मंगलवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में होगी। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम पर भी विचार साझा करेंगे।

प्रिंस एलोइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति उनके सम्मान में आधिकारिक भोज की मेजबानी करेंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी उनसे मुलाकात करेंगे। यात्रा के दौरान उच्चस्तरीय संपर्क के साथ कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

भारत और लिकटेंस्टीन ने 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। तब से दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है। प्रिंस एलोइस इससे पहले नवंबर 2010 और अक्टूबर 2018 में भारत की आधिकारिक यात्रा कर चुके हैं। वर्ष 2013 में भी वह अपने पिता प्रिंस हंस-एडम द्वितीय के साथ निजी यात्रा पर भारत आए थे। फरवरी 2026 में उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित भारत एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया था और इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात भी की थी।

भारत के लिए लिकटेंस्टीन का महत्व केवल एक छोटे यूरोपीय देश के साथ राजनयिक संबंधों तक सीमित नहीं है। उसकी विशेषीकृत विनिर्माण, इंजीनियरिंग और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था भारतीय उद्योगों के लिए सहयोग के अवसर खोल सकती है। वहीं, भारत का बड़ा बाजार और उत्पादन क्षमता लिकटेंस्टीन की कंपनियों के लिए कारोबारी विस्तार की संभावनाएं पैदा करती है।

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