नेतन्याहू ने शेयर की AI तस्वीर, तेल अवीव में परमाणु हमले की दी धमकी; बोले- ईरान से 'दूसरा होलोकॉस्ट' का खतरा
नेतन्याहू ने यह तस्वीर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता युवल ब्लूमबर्ग के एक बयान के साथ साझा की है। पोस्ट में कहा गया है कि इजराइल एक "वास्तविक और मूर्त अस्तित्वगत खतरे" का सामना कर रहा है। पोस्ट में लिखा है, "अगर ईरानियों को परमाणु हथियार मिल गए, तो फिर कुछ और मायने नहीं रखेगा।" इसमें यह भी दावा किया गया है कि सरकार के चारों ओर चल रहे विवाद, जिनमें कतरगेट मामला और अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स ड्राफ्ट से जुड़े मुद्दे शामिल हैं, सिर्फ "एक बड़ा धुआं" हैं, जो असली मुद्दे को छिपाने के लिए हैं। पोस्ट में सवाल उठाया गया है, "अगर मध्य इजराइल पर दो परमाणु बम गिराए जाते हैं, तो इन सभी बेतुके विवादों की परवाह कौन करेगा?"

विवेक ओझा/ तेल अवीव: इजराइल में 27 अक्टूबर, 2026 को होने वाले आम चुनाव से ठीक दो दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक ऐसी तस्वीर साझा की है, जिसने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई है, जिसमें तेल अवीव शहर पर एक विशाल परमाणु विस्फोट (मशरूम क्लाउड) होते हुए दिखाया गया है। नेतन्याहू ने इस तस्वीर के जरिए ईरान के परमाणु खतरे को रेखांकित करते हुए चेतावनी दी है कि अगर सही नेतृत्व नहीं चुना गया, तो इजराइल को "दूसरे होलोकॉस्ट" का सामना करना पड़ सकता है।
AI तस्वीर और पोस्ट का विवरण
नेतन्याहू ने यह तस्वीर दक्षिणपंथी कार्यकर्ता युवल ब्लूमबर्ग के एक बयान के साथ साझा की है। पोस्ट में कहा गया है कि इजराइल एक "वास्तविक और मूर्त अस्तित्वगत खतरे" का सामना कर रहा है। पोस्ट में लिखा है, "अगर ईरानियों को परमाणु हथियार मिल गए, तो फिर कुछ और मायने नहीं रखेगा।" इसमें यह भी दावा किया गया है कि सरकार के चारों ओर चल रहे विवाद, जिनमें कतरगेट मामला और अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स ड्राफ्ट से जुड़े मुद्दे शामिल हैं, सिर्फ "एक बड़ा धुआं" हैं, जो असली मुद्दे को छिपाने के लिए हैं। पोस्ट में सवाल उठाया गया है, "अगर मध्य इजराइल पर दो परमाणु बम गिराए जाते हैं, तो इन सभी बेतुके विवादों की परवाह कौन करेगा?"
चुनाव से पहले राजनीतिक संदेश
यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है जब नेतन्याहू पर आरोप लग रहे हैं कि वे चुनाव को प्रभावित करने या टालने के लिए ईरान के खिलाफ फिर से युद्ध शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है। पोस्ट में यह भी तर्क दिया गया है कि इजराइल के पास ईरान का सामना करने का सीमित समय है, जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में हैं। इसमें चेतावनी दी गई है कि अगर मतदाता ऐसे नेता को चुनते हैं जो ईरान का सामना करने में अक्षम है, तो वे अपने परिवारों को "दूसरे होलोकॉस्ट" के खतरे में डाल सकते हैं, जिसका अर्थ है कि केवल नेतन्याहू ही इस काम के लिए सही व्यक्ति हैं।
विपक्ष का पलटवार
नेतन्याहू के इस पोस्ट पर विपक्षी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। यशर पार्टी के अध्यक्ष और चुनावी मोर्चे के प्रमुख उम्मीदवार गैडी आइजनकोट ने नेतन्याहू पर चुनाव से पहले डर फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने 'X' पर लिखा, "नेतन्याहू, आप हिस्टेरिकल (अत्यधिक उत्तेजित) हो गए हैं। हर चुनाव प्रचार की तरह, यह भी झूठ और डराने-धमकाने का ही तरीका है।" डेमोक्रेट्स पार्टी के अध्यक्ष यायर गोलन ने भी नेतन्याहू की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें सोशल मीडिया से दूर रखा जाना चाहिए।
यह घटना इजराइली राजनीति में चुनावी मौसम के तनाव को दर्शाती है, जहां सुरक्षा और ईरान का मुद्दा केंद्र में बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि यह पोस्ट 27 अक्टूबर के मतदान में कितना असर डालती है।
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