कारगिल विजय दिवस पर पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश, भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और 1999 के सर्वोच्च बलिदान को किया नमन

राघवेंद्र प्रताप सिंह/ नई दिल्ली: 27वें कारगिल विजय दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम एक विशेष और भावुक संदेश जारी किया है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने 1999 के कारगिल युद्ध के नायकों को याद करते हुए कहा कि उनके सर्वोच्च बलिदान की नींव पर ही आज का एक ‘सुरक्षित और सशक्त भारत’ खड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि देश उन वीर माताओं का हमेशा ऋणी रहेगा, जिन्होंने अपने जिगर के टुकड़ों को हंसते-हंसते मातृभूमि की रक्षा के लिए युद्धभूमि में भेज दिया था।
‘शांति हमारी नीति है, लेकिन सुरक्षा से समझौता नहीं’
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा नीति (Defense Policy) को स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत हमेशा से शांति का पक्षधर रहा है, लेकिन यदि कोई भी ताकत भारत की संप्रभुता (Sovereignty) की ओर आंख उठाकर देखेगी, तो उसे कारगिल जैसा ही मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा, “1999 में हमने दुनिया को दिखा दिया था कि जब बात राष्ट्र की सीमाओं की हो, तो भारतीय सेना किसी भी ऊंचाई और किसी भी मौसम में दुश्मन के दांत खट्टे कर सकती है।”
सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण पर जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि कारगिल युद्ध से सबक लेते हुए पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण (Modernization) पर अभूतपूर्व जोर दिया गया है। आज भारत स्वदेशी हथियारों, फाइटर जेट्स और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में आत्मनिर्भर हो रहा है। इसके साथ ही, थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल के लिए ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ’ (CDS) के पद के सृजन का भी उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया। पूरे देश में आज कारगिल के नायकों की याद में देशभक्ति के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।



