आसियान (ASEAN) मंच पर भारत की दो टूक: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा- ‘आतंकी कृत्यों के गंभीर नतीजे भुगतने होंगे’, पाकिस्तान की टिप्पणियों को बताया अनुचित

अभिषेक सिंह/ मनीला / नई दिल्ली: फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित आसियान क्षेत्रीय मंच (ASEAN Regional Forum) की मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत ने आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति ही एकमात्र विकल्प है और किसी भी देश द्वारा प्रायोजित आतंकी कृत्यों के गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
पाकिस्तान को दिया करारा जवाब
इस बहुपक्षीय मंच का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाने और सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को रोकने के भारत के फैसले की आलोचना करने की कोशिश की। भारत ने पाकिस्तान के इन बयानों को पूरी तरह से ‘निराधार और अनुचित’ (Baseless and Unwarranted) बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अपने प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद (Cross-border Terrorism) से ध्यान भटकाने और झूठ फैलाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मंच का दुरुपयोग किया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे, पाकिस्तान का इस पर बोलने का कोई अधिकार (Locus Standi) नहीं है।”
सिंधु जल संधि पर भारत का रुख स्पष्ट
भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि सिंधु जल संधि को तब तक निलंबित (Abeyance) रखा जाएगा, जब तक कि पाकिस्तान स्थायी रूप से सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद नहीं कर देता। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि आसियान जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक और रणनीतिक मंच पर भारत की इस आक्रामक कूटनीति ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है।

