विपक्ष का आक्रामक रुख: राहुल गांधी ने पीएम मोदी के वीडियो मैसेज पर कसा तंज, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करने की मांग दोहराई

इंडियन व्यू टीम/ नई दिल्ली: प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छात्रों को संबोधित किए गए वीडियो संदेश के बाद, विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अपना रुख और अधिक आक्रामक (Aggressive) कर लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री के इस संदेश को ‘बहुत देर से उठाया गया नाकाफी कदम’ बताते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से तुरंत बर्खास्त करने की अपनी मांग फिर से दोहराई है।
राहुल गांधी का सीधा प्रहार
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री 30 दिनों से अधिक समय तक मौन रहे। जब लाखों छात्र सड़कों पर उतरे, लाठियां खाईं, और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तब जाकर उन्हें वीडियो संदेश जारी करने की याद आई। देश का युवा अब खोखले आश्वासनों से बहलने वाला नहीं है।” राहुल ने आगे कहा कि अगर सरकार पेपर लीक को लेकर सच में गंभीर है, तो इसकी शुरुआत शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने और उन्हें तत्काल बर्खास्त करने से होनी चाहिए।
विपक्षी गठबंधन (INDIA) एकजुट
संसद के मानसून सत्र के दौरान, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने इस मुद्दे पर पूरी एकजुटता दिखाई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक फास्ट ट्रैक कोर्ट और जांच कमेटियां केवल ‘डैमेज कंट्रोल’ (Damage Control) की कवायद मात्र हैं।
संसद में गतिरोध जारी रहने के आसार
विपक्ष ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार संसद के दोनों सदनों में नियम 267 के तहत नीट और अन्य परीक्षाओं के मुद्दे पर बहस कराने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर राजी नहीं होती, तब तक संसद में उनका विरोध जारी रहेगा। इंडियन व्यू टीम के राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि विपक्ष को छात्रों के आक्रोश में सरकार को घेरने का एक बड़ा राजनीतिक हथियार मिल गया है, और वे इसे आसानी से हाथ से जाने नहीं देंगे।

