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पीएम मोदी ने एनडीए (NDA) की बैठक में नीट पेपर लीक पर दिया कड़ा संदेश, कहा- ‘यह एक गंभीर पाप है, इसे दोबारा नहीं होने दिया जाएगा’

विवेक ओझा/ नई दिल्ली: देश भर में चल रहे नीट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद और छात्रों के उग्र प्रदर्शनों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों की उच्च-स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने पेपर लीक की घटनाओं को ‘गंभीर पाप’ करार दिया और आश्वस्त किया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

‘युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ एक पाप है’

एनडीए सांसदों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री का रुख बेहद कड़ा था। उन्होंने कहा, “परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की धांधली या पेपर लीक केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के सपनों और उनके माता-पिता के त्याग के साथ किया गया एक गंभीर पाप (Grave Sin) है। हमारी सरकार ऐसे किसी भी सिंडिकेट या माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी है और हर दोषी सलाखों के पीछे होगा।”

विपक्ष पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर राजनीति करने के लिए विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं चाहता, बल्कि वह केवल राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहता है। पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सरकार समस्याओं को छिपाने में नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान निकालने में विश्वास रखती है। हमने इतिहास का सबसे कड़ा ‘सार्वजनिक परीक्षा निवारण अधिनियम’ लागू किया है। इसके अलावा, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में बड़े सुधारों के लिए विशेषज्ञों की एक कमेटी दिन-रात काम कर रही है।”

सांसदों को जमीनी स्तर पर काम करने का निर्देश

प्रधानमंत्री ने अपने गठबंधन के सभी सांसदों को निर्देश दिया कि वे विपक्ष के दुष्प्रचार का पुरजोर जवाब दें। उन्होंने सांसदों से कहा कि वे अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाएं, युवाओं, छात्रों और उनके अभिभावकों से संवाद स्थापित करें और उन्हें यह भरोसा दिलाएं कि सरकार का हर एक कदम उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उठाया जा रहा है। सरकार इस बात को सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में भारत की किसी भी परीक्षा प्रणाली पर ऐसा कोई दाग न लगे।

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