Trending

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा का भव्य शुभारंभ: गृह मंत्री अमित शाह ने की ‘मंगला आरती’, उमड़ा आस्था का ऐतिहासिक जनसैलाब

राघवेंद्र प्रताप सिंह/  अहमदाबाद: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के पावन अवसर पर आज (16 जुलाई) गुजरात की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद पूरी तरह से भक्ति और उल्लास के सागर में डूबी नजर आई। शहर के जमालपुर स्थित ऐतिहासिक 400 साल पुराने श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की 149वीं भव्य रथयात्रा पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। इस रथयात्रा को पुरी (ओडिशा) के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी रथयात्रा माना जाता है।

अमित शाह ने की ‘मंगला आरती’

परंपरा का निर्वहन करते हुए, देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज तड़के 4 बजे ही सपरिवार श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंच गए। उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में भगवान जगन्नाथ की विशेष ‘मंगला आरती’ में हिस्सा लिया। आरती के बाद गृह मंत्री ने भगवान के दर्शन किए और सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए देश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

स्वर्ण झाड़ू से हुई ‘पहिंद विधि’

रथयात्रा के शुभारंभ का सबसे प्रमुख आकर्षण ‘पहिंद विधि’ (Pahind Vidhi) रहा। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने परंपरा के अनुसार एक विशेष रूप से तैयार की गई सोने की झाड़ू (स्वर्ण बुहारी) से रथों के आगे का रास्ता साफ किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भगवान के रथ का रस्सा खींचकर इस ऐतिहासिक यात्रा को शहर के 18 किलोमीटर लंबे रूट के लिए रवाना किया।

रथयात्रा का रूट और प्रसाद

इस विशाल रथयात्रा में 18 सजे-धजे गजराज (हाथी), 101 ट्रक, 30 अखाड़े, 18 भजन मंडलियां और 3 विशेष लकड़ी के रथ शामिल हैं। जमालपुर से शुरू होकर यह यात्रा शहर के पुराने और संवेदनशील इलाकों (जैसे कालूपुर, प्रेम दरवाजा, दरियापुर) से होते हुए सरसपुर (भगवान का ननिहाल) पहुंचेगी। सरसपुर में ‘मोसालू’ (Mausalu) की रस्म अदा की जाएगी, जहां लाखों श्रद्धालुओं को पारंपरिक प्रसाद—जिसमें मुख्य रूप से मालपुआ, जामुन, मूंग और ककड़ी शामिल है—बांटा जाएगा।

सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम

लाखों की भीड़ को देखते हुए गुजरात पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व और चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। पूरे यात्रा मार्ग पर 15,000 से अधिक पुलिसकर्मी, राज्य आरक्षित पुलिस बल (SRPF), और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के कमांडो तैनात किए गए हैं। पहली बार भीड़ नियंत्रण और किसी भी अवांछित गतिविधि पर नजर रखने के लिए एआई (AI) आधारित फेस रिकग्निशन कैमरे, 3D मैपिंग तकनीक, एंटी-ड्रोन सिस्टम और दर्जनों ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अहमदाबाद की यह रथयात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह गुजरात में सांप्रदायिक सौहार्द और एकता की एक बड़ी मिसाल भी पेश करती है।

Related Articles

Back to top button