पुणे में बड़ा और दर्दनाक हादसा: मोशी कचरा डिपो के ढहने से मलबे में दबकर 9 लोगों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन युद्ध स्तर पर जारी

अभिषेक सिंह/ पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद दर्दनाक और विचलित करने वाली खबर सामने आई है। पुणे नगर निगम (PMC) के अंतर्गत आने वाले मोशी (Moshi) इलाके के विशाल कचरा डंपिंग यार्ड (Garbage Depot) में कचरे का एक विशाल पहाड़ अचानक ढह गया। इस खौफनाक हादसे में मलबे के नीचे दबने से 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य लोगों के अभी भी दबे होने की आशंका है। इस घटना ने प्रशासन की घोर लापरवाही और डंपिंग ग्राउंड्स के कुप्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है।
कैसे हुआ यह हादसा?
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सुबह तड़के उस समय हुआ जब कचरा बीनने वाले (Ragpickers) और निगम के कुछ संविदा कर्मचारी वहां छंटाई का काम कर रहे थे। पिछले कुछ दिनों से पुणे में हो रही रुक-रुक कर बारिश के कारण कचरे का यह विशाल पहाड़ (जो लगभग 50-60 फीट ऊंचा था) नीचे से दलदली और खोखला हो गया था। अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर गिर पड़ा और वहां काम कर रहे लोगों को भागने का मौका ही नहीं मिला। वे टनों कचरे और जहरीली गैसों के मलबे में दब गए।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन का एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही पुणे फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें तुरंत भारी अर्थमूवर्स (JCBs) के साथ मौके पर पहुंच गईं।
- * बचाव दल ने अब तक 9 शवों को मलबे से बाहर निकाला है, जिनमें 4 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल हैं।
- * लगभग 12 लोगों को गंभीर हालत में निकालकर पास के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (YCM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जहरीली मीथेन गैस (Methane Gas) के रिसाव और अस्थिर मलबे के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मुआवजा और उच्च स्तरीय जांच के आदेश
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-gratia) देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही, इस पूरी घटना की एक उच्च स्तरीय मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं। पर्यावरणविद् और स्थानीय नागरिक लंबे समय से इस डंपिंग यार्ड को हटाने और वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण की मांग कर रहे थे, लेकिन प्रशासन की अनदेखी ने आज कई बेगुनाहों की जान ले ली।