महाराष्ट्र में मौसम का भीषण रूप: नासिक और त्र्यंबकेश्वर में ‘क्लाउडबर्स्ट’ की आशंका, मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य तंत्र को रखा हाई अलर्ट पर

पल्लवी श्रीवास्तव/ मुंबई/नासिक: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र में अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने उत्तरी महाराष्ट्र, विशेषकर नासिक और पवित्र तीर्थस्थल त्र्यंबकेश्वर के पहाड़ी इलाकों में ‘क्लाउडबर्स्ट’ (बादल फटने) जैसी स्थिति उत्पन्न होने की गहरी आशंका जताई है। इस अभूतपूर्व खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तत्काल एक आपातकालीन बैठक बुलाई और पूरे राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र को ‘हाई अलर्ट’ (High Alert) पर रख दिया है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर से आ रही घनी नमी और पश्चिमी घाट (Western Ghats) के ऊपर बने एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण नासिक जिले के ऊपर भारी तूफानी बादलों का जमावड़ा हो गया है। रडार इमेजरी से संकेत मिल रहे हैं कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर इन क्षेत्रों में 200 मिमी से अधिक की अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जो फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और भूस्खलन (Landslide) का कारण बन सकती है। गोदावरी नदी का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जारी निर्देशों के बाद नासिक और त्र्यंबकेश्वर प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। गोदावरी नदी के किनारे और निचले इलाकों में बसे सैकड़ों परिवारों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 10 अतिरिक्त टुकड़ियों को एडवांस उपकरणों, रबर बोट्स और लाइफ जैकेट्स के साथ संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक एडवाइजरी जारी करते हुए उनसे त्र्यंबकेश्वर मंदिर और आस-पास के पहाड़ी झरनों (वाटरफॉल्स) की ओर न जाने की सख्त अपील की है। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस को हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हेलीकॉप्टरों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। यह अगले 48 घंटे महाराष्ट्र के लिए बेहद क्रिटिकल माने जा रहे हैं।