इस साल एक ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करेगा भारत: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

नई दिल्ली (अभिषेक सिंह) : वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत इस साल एक ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करेगा। पहली तिमाही में ही सालाना निर्यात लक्ष्य का लगभग 15 प्रतिशत पूरा हो चुका है। नई दिल्ली में व्यापार बोर्ड की बैठक में श्री गोयल ने कहा कि इसके लिए वस्तुओं का निर्यात 440 अरब डॉलर से बढ़ाकर करीब 530 अरब डॉलर और सेवाओं का निर्यात 421 अरब डॉलर से बढ़ाकर करीब 470 अरब डॉलर करना होगा। उन्होंने कहा कि पहली तिमाही में वस्तुओं के निर्यात में 15 प्रतिशत और सेवाओं के निर्यात में लगभग 10 से 11 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद है। श्री गोयल ने कहा कि भारत ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 863 अरब डॉलर का अब तक का सबसे अधिक निर्यात किया है। करों में बदलाव, माल ढुलाई में रुकावट और वैश्विक मांग में कमी के बावजूद इसमें 4.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने राज्य सरकारों से ‘भव्य’ औद्योगिक पार्क योजना का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने निर्यात को बढाने के लिए राज्यों, निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग संघों और निर्यातकों के लिए सात-सूत्रीय कार्य योजना की जानकारी दी। इस सात-सूत्रीय कार्य योजना में निर्यात को उच्च प्राथमिकता देना, गुणवत्ता परीक्षण के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, निर्यातकों को समर्थन देना, घरेलू उद्योगों को अनुचित व्यापार प्रथाओं से बचाना, आयात विकल्पों को बढ़ावा देना और वैश्विक व्यापार मेलों व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सक्रिय भागीदारी शामिल है।
उन्होंने ज़िलों को निर्यात केंद्र बनाने की पहल के तहत 90 दिन के एक विशेष अभियान की भी घोषणा की जिसमें 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 120 प्राथमिकता वाले ज़िले शामिल होंगे।
श्री गोयल ने कहा कि भारत की निर्यात रणनीति एक मज़बूत और समावेशी दृष्टिकोण पर आधारित है जिसमें हर राज्य, ज़िले और उद्योग क्षेत्र को समान रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार सूक्ष्म, लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को देश के निर्यात अभियान से लाभ देना चाहती है। श्री गोयल ने बताया कि केंद्र सरकार देश के हर ज़िले को निर्यात केंद्र बनाकर पारंपरिक केंद्रों से परे निर्यात के दायरे को बढ़ाने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ज़िलों में प्रशिक्षित नोडल अधिकारी तैनात करेगी जो स्थानीय व्यवसायों, विशेषकर एम.एस.एम.ई. को निर्यात के अवसरों, दस्तावेज़ीकरण और बाज़ार तक पहुँच के बारे में मार्गदर्शन देंगे। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को दिल्ली में चार से छह महीने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें निर्यातकों की मदद के लिए डेटा और सपोर्ट सिस्टम से लैस किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार निर्यात को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं को आसान बना रही है नियमों को सरल और कारोबार में सुगमता को बेहतर बना रही है। श्री गोयल ने निर्यातकों से ओमान, स्विट्ज़रलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ हाल ही में लागू हुए और आने वाले मुक्त व्यापार समझौतों का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत को वैश्विक व्यापार के लिए एक सुरक्षित और आकर्षक भागीदार के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन विकास के अगले स्तर तक पहुँचने के लिए बड़े पैमाने पर काम, गुणवत्ता, पहुँच और उद्योग जगत व सरकार दोनों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता होगी। इस बीच, बैठक से अलग मीडिया से बात करते हुए श्री गोयल ने कहा कि 38 विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते ने भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खोले हैं और वैश्विक बाजार तक देश की पहुँच को मज़बूत किया है।



