भारत का पाकिस्तान को कड़ा संदेश: 188 भारतीय मछुआरों और कैदियों की रिहाई में लाई जाए तेजी

विवेक ओझा/ नई दिल्ली: भारत सरकार ने पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों के मुद्दे पर मानवीय आधार पर कड़ा रुख अपनाया है। राजनयिक माध्यमों से बातचीत करते हुए, भारत ने पाकिस्तान से स्पष्ट रूप से कहा है कि वह अपनी जेलों में बंद 188 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई और स्वदेश वापसी की प्रक्रिया में तत्काल प्रभाव से तेजी लाए।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कैदियों की सूचियों के नियमित आदान-प्रदान के तहत भारत ने अपनी ओर से यह मांग रखी है। अक्सर अरब सागर में मछली पकड़ने के दौरान अनजाने में समुद्री सीमा (Maritime Boundary) पार कर जाने के कारण दोनों देशों के मछुआरे गिरफ्तार कर लिए जाते हैं। भारत का हमेशा से यह मानना रहा है कि मछुआरों का मुद्दा पूरी तरह से एक मानवीय मुद्दा है और इसे राजनीति से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
भारत ने पाकिस्तान से यह भी आग्रह किया है कि जिन कैदियों ने अपनी सजा पूरी कर ली है और जिनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि हो चुकी है, उन्हें बिना किसी अतिरिक्त देरी के रिहा किया जाए। इसके साथ ही, भारत ने शेष भारतीय कैदियों तक तत्काल राजनयिक पहुंच (Consular Access) प्रदान करने और उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा को सुनिश्चित करने की भी मांग की है। सरकार का यह कदम कैदियों के परिवारों के लिए एक बड़ी उम्मीद लेकर आया है, जो लंबे समय से अपनों की वतन वापसी का इंतजार कर रहे हैं।



