महबूबा मुफ्ती ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने तेहरान पहुंचीं

विवेक ओझा/ नई दिल्ली/तेहरान: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंच गई हैं। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता के निधन के बाद पूरे पश्चिम एशिया सहित दुनिया भर में शोक की लहर है। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के राजकीय शोक समारोह में एक भारतीय क्षेत्रीय दल की नेता की उपस्थिति ने कूटनीतिक और राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
अयातुल्ला अली खामेनेई का ईरान की सत्ता और उसकी वैश्विक विदेश नीति में दशकों तक निर्विवाद वर्चस्व रहा है। उनके निधन के बाद दुनिया भर के कई राष्ट्राध्यक्ष, वरिष्ठ राजनयिक और धार्मिक नेता उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान का रुख कर रहे हैं। भारत सरकार की ओर से भी आधिकारिक स्तर पर शोक संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं, लेकिन महबूबा मुफ्ती का व्यक्तिगत और राजनीतिक स्तर पर वहां पहुंचना एक अलग महत्व रखता है। जम्मू-कश्मीर, विशेष रूप से कश्मीर घाटी का ईरान के साथ गहरा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव रहा है। कश्मीर को अक्सर इसके फारसी प्रभाव और सूफी परंपराओं के कारण ‘ईरान-ए-सगीर’ (छोटा ईरान) भी कहा जाता है।
इस यात्रा के दौरान महबूबा मुफ्ती ईरानी नेतृत्व और वहां पहुंचे अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ शोक सभाओं में हिस्सा लेंगी। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि महबूबा मुफ्ती का यह दौरा भले ही एक धार्मिक और व्यक्तिगत शोक का हिस्सा हो, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के पटल पर क्षेत्रीय नेताओं की भूमिका को भी रेखांकित करता है। यह देखना अहम होगा कि इस दौरे का जम्मू-कश्मीर की स्थानीय राजनीति और भारत-ईरान के व्यापक कूटनीतिक संबंधों पर कोई परोक्ष प्रभाव पड़ता है या नहीं। फिलहाल तेहरान में सुरक्षा और प्रोटोकॉल के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं और दुनिया भर के नेताओं का जमावड़ा वहां लगा हुआ है।



