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स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित हुए प्रधानमंत्री मोदी, भारत का बढ़ाया गौरव

नई दिल्ली (राघवेंद्र प्रताप सिंह) : स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम रॉबर्ट फिको के आमंत्रण पर भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री महामहिम नरेन्‍द्र मोदी ने 15 जून, 2026 को स्लोवाक गणराज्य का राजकीय दौरा किया। यह स्लोवाकिया को 1993 में स्वतंत्रता मिलने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इस देश का पहला दौरा है। इस तरह, यह दौरा एक ऐतिहासिक पड़ाव होने के साथ ही दोनों राष्ट्रों के बीच चिरस्थाई मैत्री का एक नया मोड़ भी है। भारत और स्लोवाकिया ने 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से पारंपरिक मैत्री और विश्वास, समानता तथा आपसी सम्मान के आधार पर बहुआयामी सहयोग विकसित किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ से नवाजा गया है। राजधानी ब्रातिस्लावा में उन्हें सम्मानित किया गया। पीएम मोदी को अबतक 32 देशों के सर्वोच्च सम्मान मिल चुके हैं।
स्लोवाकिया का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त करना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। यह किसी विदेशी देश की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया 33वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्लोवाकिया की सरकार और वहां के नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि ब्रातिस्लावा में ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास)’ प्राप्त कर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान स्लोवाकिया के लोगों और सरकार के साथ-साथ भारत के 140 करोड़ नागरिकों का भी सम्मान है। प्रधानमंत्री ने इस पुरस्कार को भारत और स्लोवाकिया की स्थायी मित्रता को समर्पित किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फित्सो के साथ हुई बैठक को भारत-स्लोवाकिया संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘कॉम्प्रिहेंसिव पार्टनरशिप’ (व्यापक साझेदारी) का दर्जा देकर द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा प्रदान की है।

भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री और स्लोवाक गणराज्य के प्रधानमंत्री इस दौरे की ऐतिहासिक प्रकृति और द्विपक्षीय सहयोग को गहराई देने की साझा प्रतिबद्धता की बुनियाद पर संबंध को आगे बढ़ाते हुए दोनों राष्ट्रों के बीच विस्तृत साझीदारी में तब्दील करने पर सहमत हुए। इस विस्तृत साझीदारी का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना, सहयोग के मौजूदा तंत्र को मजबूती देना तथा द्विपक्षीय और बहुपक्षीय साझीदारी को गहराई देने के नए अवसरों की तलाश करना है।

दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत के बढ़ते भूराजनीतिक, आर्थिक और प्रौद्योगिकीय महत्व को मानते हुए दोनों पक्षों के लिए लाभकारी सहयोग, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, मुक्त अंतरराष्ट्रीय व्यापार, नौवहन की आजादी, विवादों के शांतिपूर्ण हल तथा नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के समर्थन में भारत और स्लोवाकिया के बीच ज्यादा मजबूत साझीदारी की अहमियत को स्वीकार किया।

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