‘ओवैसी साहब! अपने सिपहसालार को हैदराबादी बैरिस्टरी का ज्ञान दें’, शौकत अली के बयान पर भड़के ओम प्रकाश राजभर

UP Politics : उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियों के बीच अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के यूपी दौरे से पहले उन्हें नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि ओवैसी अपने पार्टी के नेता शौकत अली को समझाएं कि वे अपनी हैसियत और शिष्टाचार के अनुसार बात करें।
राजभर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली के विवादित बयान को साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “मैं तो राजा सुहेलदेव को राजा मानता ही नहीं हूं। वे सब काल्पनिक हैं।” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी साहब, जब आप उत्तर प्रदेश आ ही रहे हैं तो अपने सिपहसालार को भी थोड़ा-बहुत अपने हैदराबादी बैरिस्टरी का ज्ञान दे दीजिए।”
उन्होंने आगे कहा कि बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर श्रद्धांजलि अर्पित करने से पहले उन्हें यह भी याद दिलाना चाहिए कि यह वह भूमि है जहां महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष किया था, और इस धरती ने भारतीय स्वाभिमान की रक्षा की थी। राजभर ने कहा, “अपने साथी को समझाइए कि वह अपनी हैसियत और व्यक्तित्व के अनुरूप भाषा का प्रयोग करे। अनावश्यक उग्रता और अहंकार का प्रदर्शन इतिहास में कभी सम्मान नहीं दिलाता।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इतिहास साक्षी है कि महाराजा सुहेलदेव के नेतृत्व में इस क्षेत्र के वीरों ने विदेशी आक्रमणकारियों को खदेड़ा था। “यही वह भूमि है जहां स्वाभिमान और स्वधर्म का सम्मान किया जाता है,” राजभर ने कहा।
शौकत अली ने अपने बयान में कहा था, “मैं तो राजा सुहेलदेव को राजा मानता ही नहीं हूं। अगर वह राजा होते तो शायद उनका बहराइच में कोई किला भी होता। जितने राजा थे, उन्होंने अपने रहने के लिए किले बनवाए, रानियों के लिए आवास बनाए। यहां तो कुछ भी नहीं है… यह सब केवल काल्पनिक हैं।”
राजभर की इस नसीहत का मकसद है कि राजनीतिक माहौल में मर्यादा और शिष्टाचार का पालन किया जाए, खासकर जब नेता अपने प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत का जिक्र कर रहे हैं। अब देखना है कि ओवैसी और उनके समर्थक इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।