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लगा जैसे धरम जी खुद मेरा हाथ थामकर मंच पर ले जा रहे हैं…पति धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण मिलने पर भावुक हुईं हेमा मालिनी

नई दिल्ली: बॉलीवुड के ‘हीमैन’ कहे जाने वाले दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्य विभूषण’ से नवाजा गया है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में धर्मेंद्र की पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने राष्ट्रपति के हाथों इस सम्मान को स्वीकार किया। इस गौरवमयी और ऐतिहासिक पल के बाद हेमा मालिनी बेहद भावुक हो गईं और उन्होंने सोशल मीडिया पर एक दिल छू लेने वाली पोस्ट साझा कर अपने दिल के जज्बात बयां किए हैं।

 

मुझे हर पल धरम जी की मौजूदगी का एहसास हो रहा था

अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर राष्ट्रपति भवन के इस समारोह की कई खूबसूरत तस्वीरें साझा की हैं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक बेहद इमोशनल नोट लिखा, जिसे पढ़कर फैंस की आंखें भी नम हो गईं। हेमा मालिनी ने लिखा:

 

यह मेरे लिए केवल गर्व का नहीं, बल्कि अत्यंत भावुक कर देने वाला पल था। जब मुझे मंच पर पुरस्कार लेने के लिए बुलाया गया, तो मुझे ऐसा महसूस हो रहा था जैसे धरम जी खुद वहां मेरे आस-पास मौजूद हैं। मुझे लगा कि वह हमेशा की तरह मेरा हाथ थामकर मुझे मंच की तरफ आगे ले जा रहे हैं।

जब यादें बनकर आंखों से बह निकले आंसू

हेमा मालिनी ने आगे लिखा कि जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की योग्य और महान हस्तियों को सम्मानित कर रही थीं, तब वह वहां केवल एक दर्शक नहीं, बल्कि अपने दिवंगत पति धर्मेंद्र की प्रतिनिधि बनकर बैठी थीं। उन्होंने लिखा कि उस हॉल में बैठे-बैठे धर्मेंद्र के साथ बिताए गए वो खूबसूरत साल, फिल्मों में सह-कलाकार के रूप में साथ काम करने के दिन और फिर उनकी पत्नी बनने की सारी सुनहरी यादें एक रील की तरह उनकी आंखों के सामने तैर गईं। यादों का यह कारवां इस कदर उमड़ा कि हेमा मालिनी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखें भर आईं।

 

धर्मेंद्र को बताया एक सच्चा मार्गदर्शक और बेहतरीन पिता

अपने पति को याद करते हुए ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने लिखा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं थे, बल्कि वह एक बेहद प्यार करने वाले पति, जिम्मेदार पिता, स्नेही दादा और जीवन के हर मोड़ पर एक सच्चे मार्गदर्शक थे। वह एक ऐसे साफ दिल इंसान थे कि जो भी उनसे एक बार मिलता था, वह उनका होकर रह जाता था। दुनिया का हर इंसान उनसे बेहद प्यार करता था और आज भी करता है।

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