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वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप में वीर चोटरानी का दमदार प्रदर्शन, अभय सिंह को हराया

भारत के युवा स्क्वैश खिलाड़ी वीर चोटरानी ने वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरे राउंड में जगह बना ली है। पाम हिल्स क्लब और पीजीसी गोल्फ सेंट्रल मॉल में खेले गए पुरुष एकल वर्ग के पहले दौर में उन्होंने हमवतन अभय सिंह को पांच गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 14-12, 8-11, 5-11, 11-7, 11-2 से हराया।

दुनिया के 45वें नंबर के खिलाड़ी वीर चोटरानी की, 22वीं रैंकिंग वाले अभय सिंह के खिलाफ तीन मुकाबलों में यह दूसरी जीत रही। मैच की शुरुआत बेहद संघर्षपूर्ण रही, जहां चोटरानी ने पहला गेम टाई-ब्रेक में अपने नाम किया।

हालांकि इसके बाद अभय सिंह ने जोरदार वापसी करते हुए लगातार दो गेम जीत लिए और मुकाबले में बढ़त बना ली। ऐसे दबावपूर्ण क्षण में वीर चोटरानी ने शानदार संयम दिखाया। उन्होंने चौथे गेम में वापसी करते हुए मैच बराबरी पर ला दिया और निर्णायक पांचवें गेम में पूरी तरह हावी रहते हुए 11-2 से जीत दर्ज कर दूसरे दौर का टिकट कटाया।

साभार : गूगल

जीत के बाद वीर चोटरानी ने कहा, “वर्ल्ड चैंपियनशिप के पहले राउंड में अपने ही देश के खिलाड़ी के खिलाफ खेलना हमेशा मुश्किल होता है। हममें से कोई भी पहले दौर में बाहर नहीं होना चाहता, लेकिन ड्रॉ ऐसा ही था और मुझे खुशी है कि मैं जीत हासिल कर सका।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले कुछ हफ्तों में मैंने अपनी फिटनेस और खेल पर काफी मेहनत की थी। इस तरह का परिणाम आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है।

पिछली बार भारत में फाइनल में मैं अभय से हार गया था और उस प्रदर्शन से काफी निराश था, इसलिए यह जीत मेरे लिए खास है।” अब दूसरे राउंड में वीर चोटरानी का सामना दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मुस्तफा असल से होगा, जो उनके लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

भारतीय चुनौती की बात करें तो 64 खिलाड़ियों के ड्रॉ में रमित टंडन और वेलावन सेंथिलकुमार भी अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। रमित का मुकाबला मिस्र के वर्ल्ड नंबर 21 करीम एल टॉर्की से होगा, जबकि वेलावन फ्रांस के वर्ल्ड नंबर 5 विक्टर क्रूइन के खिलाफ उतरेंगे।

पिछले साल शिकागो में आयोजित वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप में भारत का अभियान दूसरे दौर में ही समाप्त हो गया था। अनाहत सिंह, वीर चोटरानी, अभय सिंह और रमित टंडन दूसरे दौर में हारकर बाहर हो गए थे, जबकि वेलावन सेंथिलकुमार पहले ही दौर में बाहर हो गए थे। भारत अब तक वर्ल्ड स्क्वैश चैंपियनशिप के एकल वर्ग में कोई पदक नहीं जीत पाया है, लेकिन वीर चोटरानी की यह जीत भारतीय स्क्वैश के लिए नई उम्मीद लेकर आई है।

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