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मध्य प्रदेश में आधी रात को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल

62 IPS अफसरों के थोकबंद तबादले, 19 जिलों के SP बदले

भोपाल (स्टेट न्यूज़ डेस्क): मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस महकमे में एक बहुत बड़ी ‘सर्जरी’ की है। रविवार देर रात राज्य शासन ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 62 आईपीएस (IPS – भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों के थोकबंद तबादले कर दिए हैं। गृह विभाग द्वारा जारी इस बहुप्रतीक्षित ट्रांसफर सूची में पुलिस महानिरीक्षक (IG), उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) से लेकर 19 जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के अधिकारी शामिल हैं। यह फेरबदल हाल के दिनों में राज्य में हुए सबसे बड़े पुलिस प्रशासनिक बदलावों में से एक माना जा रहा है।

विवादित जिलों के एसपी पर गिरी गाज
इस ट्रांसफर लिस्ट की सबसे खास बात यह है कि इसमें उन जिलों के कप्तानों (SP) पर सख्त एक्शन लिया गया है, जहां पिछले कुछ समय से कानून व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे या जहां कोई बड़ा विवाद सामने आया था। विशेष रूप से सिंगरौली और सिवनी जिलों के पुलिस अधीक्षकों पर कार्रवाई की गई है। इन दोनों जिलों के एसपी को उनके पद से हटाकर सीधे पुलिस मुख्यालय (PHQ), भोपाल में अटैच कर दिया गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन जिलों में अपराध नियंत्रण में विफलता, स्थानीय स्तर पर पनपे विवादों और कुछ अन्य गंभीर शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने कड़ी नाराजगी जताई थी, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।

19 जिलों को मिले नए पुलिस कप्तान
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य के 19 जिलों की पुलिस कमान अब नए हाथों में सौंप दी गई है। इनमें कई बड़े और अति-संवेदनशील जिले भी शामिल हैं। लंबे समय से मैदानी पोस्टिंग (Field Posting) का इंतजार कर रहे कई युवा और तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारियों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को रेंज या मुख्यालय भेजा गया है। इसके अलावा, पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं (जैसे ईओडब्ल्यू, लोकायुक्त और खुफिया विभाग) में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

कानून व्यवस्था पर ‘जीरो टॉलरेंस’ का कड़ा संदेश
प्रशासनिक और राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बड़े फेरबदल के जरिए राज्य सरकार ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून व्यवस्था के मोर्चे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति के तहत अब अधिकारियों के प्रदर्शन (Performance) की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। जो अधिकारी जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान, महिला सुरक्षा और संगठित अपराध पर लगाम लगाने में विफल रहेंगे, उनके खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई तय है।

तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश
गृह विभाग ने तबादला सूची जारी करने के साथ ही सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापना स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद सोमवार सुबह से ही पुलिस महकमे में भारी हलचल देखने को मिल रही है और कई अधिकारियों ने अपने नए प्रभार वाले जिलों की ओर रुख कर लिया है। इस व्यापक बदलाव के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि राज्य के पुलिसिंग सिस्टम में नई ऊर्जा आएगी और आम जनता को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी माहौल मिल सकेगा।

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