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दो वर्षों में 44 अवैध टेलीकॉम केंद्र “ध्वस्त”: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी सूचना

दूरसंचार विभाग (DoT) ने कहा कि अवैध टेलीकॉम केंद्रों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2025 के बीच की गई, जिसे स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समन्वय के साथ अंजाम दिया गया। सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार विभाग (DoT) ने पिछले दो वर्षों में देश भर में ‘सिम बॉक्स’ (SIM box) संचालन सहित 44 अवैध टेलीकॉम केंद्रों को “ध्वस्त” किया है।

दूरसंचार विभाग ने बताया कि यह निरंतर कार्रवाई अप्रैल 2024 और अक्टूबर 2025 के बीच हुई थी, और इसे स्थानीय पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से पूरा किया गया।

आपको बता दें कि भारत के अलग अलग हिस्सों में अवैध टेलीकॉम को डिसमेंटल करने की कार्यवाही जारी है और इसी क्रम में मार्च 2026 में भी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एटीएस और स्थानीय पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अवैध टेलीकॉम नेटवर्क का पर्दाफाश किया था । इस नेटवर्क के तार सरहद पार यानी पाकिस्तान से जुड़े होने की भी गंभीर आशंका जताई गई थी। यह गिरोह वीओआईपी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर विदेशी कॉल्स को भारतीय लोकल कॉल्स में बदल देता था, जिससे न केवल देश को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी इन्हें ट्रैक करना मुश्किल था।

दूरसंचार विभाग ने वर्ष 2024 में भी लगभग छह लाख 80 हजार मोबाइल नम्‍बरों को फर्जी और अवैध पाया । संदेह था कि ये नम्‍बर अमान्य, अस्तित्वहीन, नकली पहचान प्रमाण और केवाईसी के फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके प्राप्त किए गए हैं। विभाग ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इन नम्‍बरों को पुर्नसत्‍यापित करने के निर्देश दिये थे। साठ दिन के अन्‍दर पुर्नसत्‍यापित न किये जाने पर इन मोबाइल नम्‍बरों को खत्‍म करने की चेतावनी दी गई थी।
विभाग ने विभिन्‍न क्षेत्रों के सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलीजैंस तकनीक से धोखाधडी करने वाले इन नम्‍बरों की पहचान की थी। यह पहल पहचान धोखाधड़ी से निपटने में एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म की प्रभावशीलता को प्रदर्शित करती है।

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