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बैडमिंटन का महाकुंभ: थॉमस और उबर कप में भारतीय चुनौती के लिए मंच तैयार

भारतीय बैडमिंटन के लिए यह सप्ताह एक बार फिर बड़े सपनों और नई उम्मीदों से भरा हुआ है, क्योंकि आयुष शेट्टी के शानदार हालिया प्रदर्शन और अनुभवी खिलाड़ियों के मजबूत संयोजन के साथ पुरुष टीम बीडब्ल्यूएफ थॉमस कप फाइनल्स में खिताब वापस जीतने के इरादे से कोर्ट पर उतरने जा रही है।

वहीं उबर कप में महिला टीम अपने मौजूदा संसाधनों से बेहतर प्रदर्शन कर इतिहास दोहराने की कोशिश करेगी। भारत शुक्रवार से कनाडा के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। इसके बाद सोमवार (27 अप्रैल) को ऑस्ट्रेलिया और बुधवार (29 अप्रैल) को चीन के खिलाफ मुकाबले खेले जाएंगे।

भारत ने चार साल पहले थॉमस कप जीतकर इतिहास रचा था, जिसे बैडमिंटन की विश्व टीम चैंपियनशिप माना जाता है। उस ऐतिहासिक जीत में किदाम्बी श्रीकांत और एचएस प्रणय की अहम भूमिका रही थी, जबकि पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने भी निर्णायक योगदान दिया था।

साभार : गूगल

भारत ने उस अभियान में डेनमार्क, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसी मजबूत टीमों को हराया था, और श्रीकांत पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहे थे। हालांकि, दो साल बाद भारत क्वार्टर फाइनल में चीन से हारकर खिताब का बचाव नहीं कर सका।

अब 2026 में टीम एक नए मिश्रण के साथ उतर रही है—जहां अनुभव के साथ युवा ऊर्जा भी दिखाई दे रही है। आयुष शेट्टी, जिन्होंने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 61 साल बाद फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय का गौरव हासिल किया, टीम की सबसे बड़ी उम्मीदों में से एक हैं।

उनके साथ लक्ष्य सेन भी शानदार फॉर्म में हैं, जिन्होंने पिछले महीने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में दूसरा स्थान हासिल किया था। युगल में भी भारत मजबूत नजर आता है, क्योंकि कंधे की चोट से उबरने के बाद सात्विक और चिराग पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं।

पूर्व कोच विमल कुमार के अनुसार, “हमारे पास फिर से थॉमस कप जीतने का अच्छा मौका है। एकल में आयुष और लक्ष्य तथा युगल में सात्विक और चिराग मजबूत आधार देते हैं। अगर सब सही रहा तो भारत और चीन आगे बढ़ सकते हैं।”

हालांकि, श्रीकांत और प्रणय इस समय अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं, इसलिए टीम तीसरे एकल में किरण जॉर्ज को भी मौका दे सकती है। युगल में हरिहरन अमसाकरुनन और एम आर अर्जुन दूसरे मुकाबले की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

कनाडा के खिलाफ भारत को क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने में बड़ी मुश्किल नहीं दिखती, लेकिन विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता विक्टर लाई चुनौती पेश कर सकते हैं। चीन की टीम भी पहले जैसी अजेय नहीं दिख रही, जिससे भारत के पास उसे हराने का अवसर बनता है। उबर कप में भारतीय महिला टीम की कमान दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के हाथों में होगी। टीम को डेनमार्क, यूक्रेन और चीन जैसे मजबूत ग्रुप में रखा गया है।

भारत शुक्रवार (24 अप्रैल) को डेनमार्क, शनिवार (25 अप्रैल) को यूक्रेन और सोमवार (27 अप्रैल) को चीन के खिलाफ खेलेगा। भारत ने 2014 और 2016 में कांस्य पदक जीते थे, लेकिन इस बार चुनौती और भी कठिन मानी जा रही है, खासकर गायत्री गोपीचंद और त्रीसा जॉली की चोट के कारण अनुपस्थिति के चलते।

इसके बावजूद टीम के पास उभरती प्रतिभाओं की लंबी सूची है। इसमें विश्व जूनियर चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता तन्वी शर्मा, थाईलैंड ओपन सुपर 300 विजेता देविका सिहाग, कई इंटरनेशनल खिताब जीत चुकी उन्नति हुडा और ईशरानी बरुआ शामिल हैं।

युगल में बदलाव के साथ टीम मैदान में उतरेगी। प्रिया कोंजेंगबम और श्रुति मिश्रा दूसरे युगल मुकाबले की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं, जबकि कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी पहले युगल में उतरने की संभावना है। इसके अलावा तनीशा क्रास्टो का अनुभव भी टीम के लिए अहम साबित हो सकता है।

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