जापान ने घातक हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटाया

जापान ने आज घातक हथियारों के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपनाई गई शांतिवादी नीति में यह एक बड़ा बदलाव है। चीन और उत्तर कोरिया की आक्रामकता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच जापान हथियार उद्योग को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के मंत्रिमंडल द्वारा नए दिशानिर्देश को मंजूरी देने से जापानी युद्धपोतों, लड़ाकू ड्रोनों और अन्य हथियारों सहित कई हथियारों की बिक्री का रास्ता साफ हो गया है। ऑस्ट्रेलिया सहित जापानी रक्षा साझेदारों ने इस बदलाव का स्वागत किया है और दक्षिण पूर्व एशिया और यूरोप ने भी इसमें रुचि दिखाई है। हालांकि, चीन ने इस फैसले की आलोचना की है।
मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने कहा कि नई नीति जापान की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी और देश के आसपास के तेजी से बदलते माहौल में क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समाज में शांति और स्थिरता में और अधिक योगदान देगी। जापान का कहना है कि आज के समय कोई भी देश अपनी सुरक्षा अकेले के दम पर नहीं कर सकता है। इसलिए शांति बनाए रखने के लिए सहयोगी देशों की ताकत बढ़ाना और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाना जरूरी है। जापान ने दूसरे देशों को घातक हथियार बेचने का फैसला तो कर लिया है। इससे अब दूसरे देशों को युद्धपोत, कॉम्बैट ड्रोन और अन्य हथियार की बिक्री का रास्ता साफ हो गया है लेकिन यह सौदा उतना आसान नहीं होगा। अभी भी किसी सौदे तक पहुंचने से पहले उसकी जांच नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल करेगी



