अभिषेक का बल्ला गरजा, मलिंगा की धार— दिल्ली पर हैदराबाद की हैट्रिक जीत
अभिषेक शर्मा (नाबाद 135) की आक्रामक शतकीय पारी के बाद तेज गेंदबाज ईशान मलिंगा (चार विकेट) की अगुवाई में गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन से सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल में यहां दिल्ली कैपिटल्स को 47 रन से हराकर जीत की हैट्रिक लगाई।
‘प्लेयर ऑफ द मैच ’ अभिषेक ने दिल्ली के गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ाते हुए अपनी नाबाद पारी में 10 छक्के और इतने ही चौके लगाए। उनकी इस पारी से सनराइजर्स ने 242 रन बनाने के बाद कैपिटल्स को 195 रन पर रोक दिया।
इस जीत से टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान पर आ गयी है। टीम के नाम सात मैचों में अब चार जीत है। कैपिटल्स की टीम छह मैचों में तीसरी हार के बाद पांचवें स्थान पर है।

कैपिटल्स के लिए नीतिश राणा ने 57 रन बनाए। उन्होंने केएल राहुल (37) के साथ दूसरे विकेट के लिए 45 गेंदों में 86 रन की साझेदारी की, लेकिन इस साझेदारी के टूटने के साथ ही टीम ने लय गंवा दी। टीम का स्कोर एक विकेट पर 107 रन से चार विकेट पर 107 रन हो गया।
मलिंगा ने आईपीएल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्हें दिलशान मधुशंका (एक विकेट) और शाकिब हुसैन (एक विकेट) का अच्छा साथ मिला, जबकि हर्ष दुबे ने आखिरी ओवर में तीन विकेट चटकाए। अभिषेक ने आईपीएल में अपनी दूसरी शतकीय पारी के दौरान शुरुआती तीन विकेटों के लिए बड़ी साझेदारियां कीं।

उन्होंने ट्रेविस हेड (37) के साथ पहले विकेट के लिए 53 गेंदों में 97 रन और कप्तान इशान किशन (25 रन) के साथ दूसरे विकेट के लिए 35 गेंदों में 79 रन की साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने हेनरिख क्लासेन (नाबाद 37) के साथ तीसरे विकेट के लिए 32 गेंदों में 66 रन की अटूट साझेदारी कर टीम के बड़े स्कोर को सुनिश्चित किया।
अभिषेक की दमदार पारी के आगे नीतिश राणा की ऑफ स्पिन और लुंगी एनगिडी (चार ओवर में 41 रन) की धीमी गेंदें भी बेअसर रहीं। दिल्ली से एकमात्र सफलता अक्षर पटेल को मिली, जिन्होंने हेड को आउट कर पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी पूरी नहीं होने दी। किशन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हुए।
अभिषेक के बल्ले से निकला शॉट गेंदबाज नीतिश राणा के हाथों से लगकर विकेटों से टकरा गया और किशन क्रीज से बाहर थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए पथुम निसंका (आठ) ने पहले ओवर में मधुशंका के खिलाफ छक्का लगाया। श्रीलंका के इस गेंदबाज ने अपने दूसरे ओवर में हमवतन बल्लेबाज को चलता कर पहला झटका दिया।

राहुल ने नीतिश कुमार रेड्डी के दूसरे ओवर में छक्के और चौके के साथ आक्रामक शुरुआत की, जबकि क्रीज पर आए राणा ने भी इस गेंदबाज के खिलाफ चौका और छक्का लगाकर आक्रामक तेवर दिखाए। छठे ओवर में गेंदबाजी के लिए आए शाकिब ने पांच रन दिए, जिससे पावरप्ले में कैपिटल्स का स्कोर एक विकेट पर 59 रन रहा।
राणा ने वामहस्त स्पिनर शिवांग कुमार के खिलाफ लगातार गेंदों पर दो छक्के और एक चौका जड़कर तेवर दिखाए तो वहीं राहुल ने रेड्डी की गेंद को दर्शकों के पास भेजकर रनगति बनाए रखी।
राणा ने 10वें ओवर में शाकिब के खिलाफ लगातार गेंदों पर चौके जड़ते हुए टीम के रनों का शतक और 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन इसी ओवर में राहुल ने आसान फुलटॉस गेंद को हवा में खेल दिया और अभिषेक ने कैच लपककर उन्हें पवेलियन भेज दिया।
मलिंगा ने अगले ओवर में लगातार गेंदों पर राणा और डेविड मिलर को आउट कर मैच पर टीम का दबदबा बना दिया। मलिंगा ने धीमी गेंद पर राणा को चकमा दिया और फिर मिलर को खाता खोले बिना पहली ही गेंद पर बोल्ड कर दिया, जिससे कैपिटल्स ने पांच गेंदों के अंदर स्कोर में कोई इजाफा किए बिना तीन विकेट गंवा दिए।
समीर रिजवी (41) और ट्रिस्टन स्टब्स (27) ने इसके बाद कुछ संघर्ष किया, लेकिन जरूरी रनगति के बढ़ने के कारण वे सामंजस्य नहीं बिठा सके और टीम 195 रन ही बना सकी। इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स की रणनीति पूरी तरह नाकाम रही। टीम ने पारी की शुरुआत कामचलाऊ स्पिनर राणा से कराई, जिन्होंने चार ओवर में 55 रन लुटाए और बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ छह छक्के खाए।
क्रिकेट निदेशक वेणुगोपाल राव और मुख्य कोच हेमंग बदानी की अगुवाई वाले टीम प्रबंधन की रणनीति सवालों के घेरे में रही। राणा को लगातार ओवर दिए गए, जबकि प्रमुख स्पिनर अक्षर पटेल (एक विकेट) ने सिर्फ दो ओवर डाले, जबकि कुलदीप यादव (दो ओवर में 30 रन) को एक महंगे ओवर के बाद आगे मौका नहीं दिया गया।
राणा ने पहला ओवर किफायती डाला, लेकिन दूसरा ओवर 20 रन का रहा। उन्हें फिर दो ओवर दिए गए, जिनमें से एक में 23 रन बने। दिल्ली के स्पिन आक्रमण ने कुल आठ ओवर में 108 रन खर्च किए। पावरप्ले में 67 रन देने के बाद टीम ने सातवें से 15वें ओवर के बीच 116 रन लुटाकर मैच पर पकड़ पूरी तरह गंवा दी।
अभिषेक के रुतबे को देखते हुए यह पारी धीमी शतकीय लग सकती है, लेकिन इसकी खासियत उनका शॉट चयन और टाइमिंग रही। उन्होंने खासकर एनगिडी के खिलाफ गेंद को देर से खेलते हुए ज्यादातर शॉट्स विकेट के सामने लगाए। उन्होंने 47 गेंदों में शतक पूरा किया और अंत तक आक्रामक रुख बनाए रखा।
क्लासेन ने आखिरी ओवरों में तीन चौके और इतने ही छक्कों से लगभग 280 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाकर टीम को 240 रन के पार पहुंचाया।



